Friday, 6 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Hapur News : हापुड़ में किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, 5 हजार का जुर्माना भी लगाHapur News : हापुड़ के उद्योगपति संजय गुप्ता का होगा राष्ट्रीय सम्मान, दिल्ली में मिलेगा ग्लोबल आइकॉन अवार्डLucknow : जिस निष्पक्षता से मिली नौकरी, उसी ईमानदारी से पीड़ित को न्याय दिलाएं वैज्ञानिक अधिकारी- सीएम योगीLucknow : पुलिस महारथी और फॉरेंसिक विभाग सारथी बनकर हर व्यक्ति को दिलाएं न्याय- मुख्यमंत्री योगीAyodhya : ‘पुष्पक विमान’ और ‘राम दरबार’ के साथ ही मोहित करेगी रामायण थीमLucknow : बुजुर्गों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का सहारा बनी योगी सरकार, 67.50 लाख लोगों को हर महीने मिल रही पेंशनAyodhya : 15 फीट ऊँचे रामरथ पर विराजेंगे जगत के पालनहारीAyodhya : रामनगरी के दसवें दीपोत्सव में दिखेगा वैश्विक रामकथा का रंग

AYUSH Healthcare: सैन्य अस्पतालों में आयुष सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव, सैनिकों को मिलेगी समग्र स्वास्थ्य सुविधा

AYUSH Healthcare: सैन्य अस्पतालों में आयुष सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव, सैनिकों को मिलेगी समग्र स्वास्थ्य सुविधा

नई दिल्ली। देश के सैनिकों को बेहतर और समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सभी सैन्य और फील्ड अस्पतालों में आयुष ओपीडी शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है। इस पहल का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के साथ पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को जोड़कर सैनिकों को बेहतर उपचार और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

प्रतापराव जाधव ने अपने प्रस्ताव में कहा कि आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धतियां सैनिकों के जीवनशैली प्रबंधन, पुनर्वास और मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में रक्षा मंत्रालय के कुछ संस्थानों में ही आयुष सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि अधिकांश सैन्य अस्पतालों में ऐसी सेवाएं नहीं हैं। यदि सभी मिलिट्री और फील्ड अस्पतालों में आयुष ओपीडी शुरू की जाती है तो सैनिकों को अधिक व्यापक और समग्र स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

आयुष मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए तकनीकी सहयोग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा आवश्यकता पड़ने पर रक्षा मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की भी पेशकश की है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें