Noida Schools: अपार आईडी में पिछड़े 265 स्कूल, बीएसए ने स्टाफ को किया तलब, एक लाख से ज्यादा छात्रों की आईडी लंबित
नोएडा। जिले में छात्रों की अपार आईडी बनाने की धीमी रफ्तार ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जनपद में अब तक एक लाख से अधिक छात्रों की अपार आईडी नहीं बन सकी है। इसके कारण प्रदेश स्तर पर जिले की रैंकिंग भी प्रभावित हुई है। अब शिक्षा विभाग ने लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है।
अपार आईडी बनाने के काम में पिछड़ रहे 265 विद्यालयों के स्टाफ को सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तलब किया गया है। इन विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारियों को कार्यालय में बैठकर छात्रों की लंबित अपार आईडी बनाने का काम पूरा करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया में शामिल नहीं होने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के अनुसार, एक लाख से अधिक छात्रों की अपार आईडी अभी तक नहीं बन पाई है। लगातार समीक्षा और निर्देशों के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यालय इस कार्य को पूरा करने में अपेक्षित गति नहीं दिखा रहे हैं। इसी को देखते हुए 265 विद्यालयों के स्टाफ को सीधे बीएसए कार्यालय बुलाया गया है।
लापरवाही पर यूडाइस कोड बंद करने की तैयारी
शिक्षा विभाग ने तय समय सीमा के भीतर अपार आईडी का काम पूरा नहीं करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विभाग की ओर से ऐसे विद्यालयों का यूडाइस कोड बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी गई है। इससे स्कूल प्रबंधन पर समय रहते छात्रों की आईडी तैयार करने का दबाव बढ़ गया है।
बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि अपार आईडी छात्रों की शैक्षिक पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लगातार समीक्षा के बावजूद बड़ी संख्या में स्कूलों में आईडी बनाने का काम लंबित है।
बीएसए कार्यालय की ओर से सोमवार को 265 विद्यालयों के स्टाफ को बुलाया गया है। सभी संबंधित शिक्षक और कर्मचारी कार्यालय में बैठकर छात्रों की अपार आईडी बनाने का काम पूरा करेंगे। विभाग ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होने वाले विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।