Air Pollution Control: नोएडा में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कार्यशाला, औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरणीय मानकों के पालन की जानकारी
नोएडा। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण करने और औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय नोएडा की ओर से सोमवार को जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। सेक्टर-4 स्थित मैसर्स यूफ्लेक्स लिमिटेड के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों और बड़े प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला में वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े दिशा-निर्देशों, स्वीकृत ईंधन के उपयोग और औद्योगिक इकाइयों में निगरानी व्यवस्था से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई।
यह कार्यशाला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों के अनुपालन के तहत आयोजित की गई। इसमें नोएडा क्षेत्र में संचालित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और बड़े प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों को पर्यावरणीय नियमों के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक गतिविधियों के दौरान निर्धारित मानकों का पालन करना और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है।
कार्यशाला में औद्योगिक प्रयोजनों के लिए अनुमोदित ईंधन यानी अप्रूव्ड फ्यूल के इस्तेमाल से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही ईआरपी-3 और सीएक्यूएम की ओर से 5 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देशों के बारे में भी जानकारी साझा की गई। उद्योगों में लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था के लिए पीटीजेड कैमरे स्थापित करने से जुड़े प्रावधानों को भी समझाया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि संबंधित निर्देशों के अनुरूप निगरानी और अनुपालन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से लागू करना आवश्यक है।
औद्योगिक इकाइयों में स्थापित डीजल जनरेटर (डीजी) सेट के संचालन का विषय भी कार्यशाला में प्रमुखता से उठाया गया। इस दौरान वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के पालन पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों को डीजी सेट के संचालन से संबंधित लागू नियमों की जानकारी देते हुए पर्यावरणीय मानकों का पालन करने पर जोर दिया।
कार्यशाला में क्षेत्रीय अधिकारी ऋतेश कुमार तिवारी, सहायक पर्यावरण अभियंता किशन सिंह और चन्द्र शेखर, चूडामणि निम्बार्क तथा पर्यावरणविद् डॉ. अनुराधा ने प्रतिभागियों को विभिन्न दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपायों को प्रभावी रूप से लागू करना महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को संबंधित निर्देशों के अनुपालन की प्रक्रिया समझाई गई और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न पर्यावरणीय विषयों पर चर्चा की गई। कार्यशाला का उद्देश्य उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों को लेकर जागरूकता बढ़ाना, लागू दिशा-निर्देशों की जानकारी देना और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन को प्रोत्साहित करना रहा।


