Haryana CM Action: जनसमस्याओं की अनदेखी पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक्शन मोड में, गुरुग्राम में कई अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
रिपोर्ट :कोमल रमोला
चंडीगढ़, 4 नवंबर (रिपोर्ट: कोमल रमोला)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आम जनता की शिकायतों और सरकारी कार्यों में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए गुरुग्राम में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनाने के मामले में दो अधिकारियों की तीन महीने तक 50 प्रतिशत सैलरी काटने, उन्हें चार्जशीट करने और हरियाणा के एनसीआर जिलों से बाहर तबादला करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा नागरिक से दुर्व्यवहार के मामले में नगर निगम गुरुग्राम के एक पटवारी को निलंबित करने और सड़क के जीर्णोद्धार कार्य में लापरवाही पर लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता की एक महीने की सैलरी काटने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान प्रदेश के सरकारी स्कूलों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से स्वीकृत 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की योजना की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत दिसंबर 2027 के अंत तक 400 से अधिक सरकारी स्कूलों को नए भवन उपलब्ध करवाए जाएंगे। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं मिलें। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी एक सरकारी स्कूल के भवन के जीर्णोद्धार से संबंधित शिकायत की सुनवाई करते हुए दी।
गुरुग्राम में आयोजित बैठक में कुल 15 परिवाद सुनवाई के लिए रखे गए। मुख्यमंत्री ने इनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया, जबकि शेष चार मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों में की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना और निर्धारित समय-सीमा में बेहतर, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाना अधिकारियों और कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका त्वरित और प्रभावी निवारण सुनिश्चित किया जाए।
नगर परिषद पटौदी-जटौली मंडी क्षेत्र से संबंधित एक शिकायत पर सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनाने और निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं की अनदेखी के मामले को गंभीरता से लिया। जांच में सामने आया कि तत्कालीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर और म्युनिसिपल इंजीनियर ने सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बगैर प्रॉपर्टी आईडी बनाई थीं। इस पर मुख्यमंत्री ने ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतने के मामले में दोनों अधिकारियों की तीन महीने तक 50 प्रतिशत सैलरी काटने, उन्हें चार्जशीट करने और हरियाणा के एनसीआर जिलों से बाहर तबादला करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन के हितों से जुड़े मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता और रखरखाव से जुड़ी शिकायतों पर भी मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया। उन्होंने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के माध्यम से प्रत्येक जोन में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। इन कमेटियों में एक सरकारी अधिकारी भी शामिल होगा। कमेटियां गुरुग्राम नगर निगम के छह और मानेसर नगर निगम के दो जोन में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति तथा साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करेंगी और एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सार्वजनिक शौचालयों के बेहतर रखरखाव और नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में एक नागरिक ने नगर निगम गुरुग्राम के पटवारी के व्यवहार को लेकर शिकायत रखी। शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है। सरकारी कार्यालयों में अपने कार्यों के लिए आने वाले लोगों के साथ दुर्व्यवहार करना या उनकी शिकायतों की अनदेखी करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सड़क के जीर्णोद्धार कार्य में लापरवाही और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम नहीं किए जाने से संबंधित शिकायत पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के संबंधित कार्यकारी अभियंता की एक महीने की सैलरी काटने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण और जीर्णोद्धार से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता तथा समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित निगरानी करें, ताकि काम निर्धारित मानकों के अनुसार और समय पर पूरा हो सके।
इस बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर और गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। इसके अलावा शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी. मीणा, सीपी शिवास कविराज, डीसी उत्तम सिंह, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह, मानेसर के निगम आयुक्त प्रदीप सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं सूचना, जनसंपर्क तथा भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया, एडीसी सोनू भट्ट, सीटीएम ज्योति नागपाल और भाजपा गुरुग्राम महानगर के जिला अध्यक्ष अजीत यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।





