Wednesday, 4 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
GTB Hospital Newborn Kidnapping: जीटीबी अस्पताल में नवजात के कथित अपहरण पर बाल अधिकार आयोग सख्त, 240 में से अधिकांश CCTV कैमरे खराब मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवालLucknow : भारत बौद्धिक्स 2.0′ में अब तक 1.60 लाख से अधिक पंजीकरणLucknow : पारदर्शिता और तकनीक से समाज कल्याण योजनाओं को नई रफ्तार, पात्रों तक सीधे पहुंच रहा योगी सरकार की योजनाओं का लाभBulandshahr : बुलंदशहर में बार अध्यक्ष ने अधिवक्ता मोहम्मद शारिक को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानितBulandshahr : बुलंदशहर में मिलावटी मिठाइयों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, 7 कुंतल नकली मिठाई नष्टAyodhya : दीपोत्सव में दीयों की श्रृंखला सजाएंगे अवध विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकAyodhya : रामायण थीम पर सज रही प्रभु श्रीराम की नगरीLucknow : अखिलेश को विकास से नहीं, सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति से मतलब- ब्रजेश पाठक

Dombivli Murder Case: दोस्त की हत्या के 20 दिन बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा, सपनों में मृतक के दिखने की बात कही

Dombivli Murder Case: दोस्त की हत्या के 20 दिन बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा, सपनों में मृतक के दिखने की बात कही

महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के डोंबिवली से हत्या का एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां एक युवक ने शराब पीने के दौरान हुए विवाद में अपने ही करीबी दोस्त की आरोपों के मुताबिक पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने मकान मालिक की मदद से शव को बोरी में बंद कर सुनसान जगह पर फेंक दिया। उसे लगा था कि वह इस अपराध से बच निकलेगा, लेकिन करीब 20 दिनों तक मृत दोस्त के बार-बार सपने आने और नींद नहीं आने से वह परेशान हो गया। आखिरकार उसने खुद ठाणे क्राइम ब्रांच पहुंचकर हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिसकर्मियों ने मुख्य आरोपी के साथ शव ठिकाने लगाने में सहायता करने वाले उसके मकान मालिक को भी पकड़कर गिरफ्तार किया है।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, घटना 9 अक्टूबर को डोंबिवली पश्चिम के मोठागांव इलाके में हुई थी। मृतक की पहचान पल्लव उर्फ विशाल मधुकर कदम (43) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी का नाम प्रभु करकड़े (24) बताया गया है। दोनों एक-दूसरे के करीबी दोस्त थे। घटना वाली रात दोनों एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी मामूली बात के संबंध में उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और गुस्से में आकर प्रभु ने विशाल के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपों के अनुसार, उसने विशाल को लात-घूंसों से इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी मौत हो गई।

दोस्त की मौत के बाद प्रभु घबरा गया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि अब इस घटना को कैसे छिपाया जाए। इसके पश्चात उसने अपने मकान मालिक संदेश म्हात्रे को पूरी बात बताई और उससे मदद मांगी। पुलिस के अनुसार, मकान मालिक ने उसे पुलिस को सूचना देने के बजाय शव ठिकाने लगाने की सलाह दी। दोनों को डर था कि हत्या का मामला सामने आने पर आरोपी की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। इसके पश्चात उन्होंने मिलकर शव को एक बोरी में रखा और रात के अंधेरे में डोंबिवली के पास खाड़ी किनारे एक सुनसान स्थान पर फेंक दिया। दोनों को उम्मीद थी कि इस प्रकार हत्या का राज कभी सामने नहीं आएगा।

शव को ठिकाने लगाने के बाद प्रभु सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रहा था। शुरुआती तौर पर उसने पुलिस से बचने और शहर छोड़कर फरार होने की योजना भी बनाई थी। लेकिन इस घटना के पश्चात उसकी परेशानी निरंतर बढ़ती गई। पुलिस को दिए गए कथित बयान के अनुसार, हत्या के बाद करीब 20 रातों तक उसे ठीक से नींद नहीं आई। उसे बार-बार अपने मृत दोस्त विशाल का चेहरा सपनों में दिखाई देता था। इन सपनों और डर के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। आखिरकार वह इस स्थिति को सहन नहीं कर पाया और खुद ठाणे क्राइम ब्रांच की सेंट्रल यूनिट पहुंच गया।

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के सामने प्रभु ने आरोपों के मुताबिक पूरी घटना का खुलासा किया और जानकारी दी कि किस तरह उसने अपने दोस्त की हत्या की तथा मकान मालिक की मदद से शव को सुनसान जगह पर फेंका था। आरोपी के बताए स्थान के आधार पर पुलिसकर्मियों ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। इसके पश्चात उसे हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की गई और मामला विष्णुनगर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिसकर्मियों ने प्रभु करकड़े और उसके मकान मालिक संदेश म्हात्रे को गिरफ्त में ले लिया है।

पुलिसकर्मियों ने दोनों आरोपियों को कल्याण कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामले में हत्या और सबूत मिटाने से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि शराब पीने के दौरान शुरू हुआ विवाद आखिर किस बात पर इतना बढ़ गया कि एक दोस्त ने दूसरे की जान ले ली। इसके समानांतर यह भी जांच की जा रही है कि मकान मालिक ने शव को ठिकाने लगाने में किस तरह सहायता की और क्या उसे शुरुआत से ही पूरी वारदात की जानकारी थी।

इस घटना ने डोंबिवली इलाके में सनसनी फैला दी है। वर्तमान में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हत्या के पीछे की असली वजह और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है। करीब 20 दिन तक छिपा रहा यह मामला मुख्य आरोपी के खुद पुलिस के पास पहुंचने के बाद सामने आया। हालांकि, पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

Dombivli Murder Case, Maharashtra Crime, Police Surrender, दोस्त की हत्या, डोंबिवली

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें