Mathura : मथुरा के गोवर्धन स्थित ऐतिहासिक राधाकुंड और श्याम कुंड में अहोई अष्टमी की आधी रात को आस्था का महास्नान देखने को मिला। संतान सुख की कामना लेकर हजारों निसंतान दंपतियों ने रात 12 बजे शुभ मुहूर्त में पवित्र कुंड में डुबकी लगाई। जैसे ही घड़ी की सुइयां रात 12 पर पहुंचीं, तट पर इंतजार कर रहे श्रद्धालु जोड़े एक दूसरे का हाथ पकड़कर जल में उतरे और मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना की। इस महास्नान के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।

अहोई अष्टमी पर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में स्थित राधाकुंड में देर शाम से ही मिनी कुंभ जैसा नजारा रहा। डेढ़ किलोमीटर के दायरे में फैले कुंड के चारों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। मध्य रात्रि होते ही राधे राधे और जय श्री कृष्ण के जयघोष के साथ भक्तों ने स्नान शुरू किया। परंपरा के अनुसार दंपतियों ने लाल कपड़े में बंधा पेठे का फल राधाकुंड में अर्पित कर अपनी सूनी गोद भरने की प्रार्थना की।
दूर दराज से आए श्रद्धालुओं में अटूट विश्वास देखा गया। गुजरात से आईं कुसुम ने बताया कि शादी के आठ साल बाद भी संतान सुख नहीं मिला, लेकिन राधाकुंड के महात्म्य के बारे में सुनकर वे पूर्ण विश्वास के साथ यहां आई हैं। वहीं चंडीगढ़ से आए नीरज और टीना ने बताया कि पांच साल तक डॉक्टरी इलाज के बाद भी निराशा हाथ लगी तो बुजुर्गों के कहने पर वे राधारानी के दरबार में आए हैं।
सुरक्षा के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। पूरे मेला क्षेत्र को चार सुपर जोन, 13 जोन और 31 सेक्टर में बांटकर निगरानी की गई। भीड़ नियंत्रण के लिए 30 होल्डिंग एरिया बनाए गए और 36 सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन कैमरों से नजर रखी गई। सुरक्षा व्यवस्था की कमान डीआईजी शैलेश पांडे ने संभाली और घाटों पर फ्लड पीएसी व स्थानीय गोताखोरों को तैनात किया गया। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते एक लाख से अधिक दंपतियों ने सुगमता से स्नान किया और व्यवस्थाओं पर संतोष जताया।





