Sunday, 1 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : ‘यूपी की जनता 2027 में सपा की साइकिल पंचर कर सैफई भेज देगी’, अखिलेश यादव पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने साधा निशानाLucknow : महिलाओं के स्वावलंबन को मिल रहा संबल, साहूकारों पर निर्भरता की मजबूरी खत्मLucknow : योगी सरकार में बदली कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की तस्वीर, बेटियों को मिल रहे शिक्षा और आत्मनिर्भरता के नए अवसरVaranasi : वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उपहार के लिए प्रधानमंत्री जी का दिल से धन्यवाद- मुख्यमंत्रीVaranasi : बुलेट ट्रेन से जुड़ेगी काशी नगरी, साढ़े तीन घंटे में पूरा होगा दिल्ली का सफर- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णवVaranasi : पहले ‘आश्वासन पर आश्वासन’ मिलता था, अब ‘सौगात पर सौगात’ मिलती है- मुख्यमंत्रीBulandshahar : बुलंदशहर में कांग्रेस ने सरदार पटेल की जयंती और इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलिBulandshahar : बुलंदशहर में अपना दल एस कार्यकर्ताओं ने सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प

Lucknow : महिलाओं के स्वावलंबन को मिल रहा संबल, साहूकारों पर निर्भरता की मजबूरी खत्म

Lucknow : ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ साहूकारों पर उनकी निर्भरता की मजबूरी खत्म करने की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रारंभ से अब तक पौने दस लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों को 11,378 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है। जिसके जरिए ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। मिशन की शुरुआत से अब तक 11.85 लाख स्वयं सहायता समूहों का गठन करते हुए 1.38 करोड़ परिवारों को जोड़ा गया है।

संस्थागत वित्त तक पहुंच बढ़ने से महिलाओं को आजीविका गतिविधियां शुरू करने और छोटे कारोबार को विस्तार देने के लिए आर्थिक सहयोग मिला है। इस व्यवस्था से साहूकारों पर उनकी निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर बचत, ऋण, कौशल और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है। इससे महिलाएं खेती, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और सेवा क्षेत्र में आय के नए साधन विकसित कर रही हैं। समूहों की सामूहिक बचत और संस्थागत वित्त का सहयोग उनके लिए स्वरोजगार की राह आसान बना रहा है।

कम पूंजी वाली महिलाओं के लिए भी खुले उद्यमिता के द्वार: अरुण कुमार

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था ने उन ग्रामीण महिलाओं के लिए भी उद्यमिता के द्वार खोले हैं, जिनके पास न बड़ी पूंजी थी और न बाजार तक सीधी पहुंच। खेती से जुड़ी गतिविधियों से लेकर पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, स्थानीय उत्पादों के निर्माण और सेवा क्षेत्र तक महिलाएं आय के नए स्रोत विकसित कर रही हैं। इससे उनकी भूमिका परिवार की अतिरिक्त कमाई करने वाली सदस्य से आगे बढ़कर आर्थिक फैसलों में भागीदार की बन रही है।

उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव बढ़ने से उनके छोटे उद्यमों को विस्तार का अवसर मिल रहा है।

छोटी बचत से शुरू हुआ सफर, संस्थागत ऋण तक बनी पहुंच

ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाएं समूह बनाकर नियमित बचत करती हैं। समूहों में आंतरिक ऋण और उसकी समय पर वापसी की व्यवस्था आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ वित्तीय अनुशासन भी विकसित करती है। आगे यही प्रक्रिया उन्हें बैंकिंग और दूसरे संस्थागत वित्त से जोड़ने का आधार बनती है।

आजीविका गतिविधियों के लिए पूंजी उपलब्ध होने से महिलाओं को कारोबार शुरू करने या उसका विस्तार करने में मदद मिल रही है। आर्थिक जरूरतों के लिए साहूकारों का सहारा लेने की मजबूरी खत्म करने में स्वयं सहायता समूहों की यह व्यवस्था महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। योगी सरकार के सहयोग से महिलाएं स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप कारोबार विकसित कर रही हैं। मसाला, पापड़, अचार, मिलेट उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन और अन्य गतिविधियां ग्रामीण क्षेत्रों में कमाई के अवसर बढ़ा रही हैं। कौशल और बाजार से जुड़ाव इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में सहायक बन रहा है।

75 जिलों में मजबूत हुआ महिलाओं का सामुदायिक नेटवर्क

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का विस्तार भी महिलाओं को संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण रहा है। वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक मिशन प्रदेश के मात्र 104 विकास खंडों में संचालित था। जबकि योगी सरकार में इसका क्रियान्वयन सभी 75 जिलों में किया जा रहा है। इस सामुदायिक ढांचे ने महिलाओं को संस्थाओं के संचालन, आर्थिक गतिविधियों के प्रबंधन और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर दिया है। मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, ग्राम संगठन स्थानीय स्तर पर समूहों के बीच समन्वय, वित्तीय अनुशासन और आजीविका गतिविधियों को मजबूती देते हैं। वहीं, संकुल स्तरीय संघ उन्हें प्रशिक्षण, बाजार और संस्थागत सहयोग तक पहुंचाने का माध्यम बन रहे हैं।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें