Noida Ambulance Operation Fast: मरीजों को नहीं रोकेगा ट्रैफिक जाम, गौतमबुद्धनगर पुलिस शुरू कर रही ‘ऑपरेशन फास्ट’
नोएडा। गंभीर रूप से बीमार मरीजों, ट्रॉमा मरीजों और सड़क हादसों में घायल लोगों को बिना किसी रुकावट के समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए एक बड़ी पहल की जा रही है। गौतमबुद्धनगर पुलिस जिले में केंद्रीकृत एम्बुलेंस ट्रैफिक सुविधा प्रणाली की शुरुआत करने जा रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में इस विशेष व्यवस्था को ‘ऑपरेशन फास्ट’ यानी ‘फास्ट एम्बुलेंस सीमलेस ट्रांजिशन’ नाम दिया गया है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपातकालीन एम्बुलेंस को सड़कों पर प्राथमिकता के आधार पर रास्ता मिले, ताकि ट्रैफिक जाम की वजह से मरीजों को जीवनरक्षक इलाज मिलने में जरा भी देरी न हो।
सेक्टर-108 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में इस महत्वपूर्ण योजना को प्रस्तुत किया गया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुलिस उपायुक्त मुख्यालय शैव्या गोयल ने शोध और अध्ययन के बाद इस योजना को तैयार किया है। इस योजना का मूल मकसद गंभीर रूप से बीमार मरीजों, ट्रॉमा के मरीजों और सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को सुरक्षित और बिना किसी बाधा के अस्पताल तक पहुंचाना है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में एक समर्पित एम्बुलेंस ट्रैफिक सुविधा प्रकोष्ठ की स्थापना की जा रही है। यह विशेष प्रकोष्ठ दिन और रात यानी 24 घंटे लगातार संचालित रहेगा। मरीजों की तुरंत मदद और बेहतर तालमेल के लिए हेल्पलाइन नंबर 9218981716 तय किया गया है। पुलिस द्वारा यह हेल्पलाइन नंबर जिले के सभी संबंधित अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं को उपलब्ध करा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, जब भी किसी मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस को सड़क पर ट्रैफिक सहायता की जरूरत होगी, तब एम्बुलेंस कर्मी, अस्पताल का कंट्रोल रूम या एम्बुलेंस डिस्पैचर इस नंबर पर संपर्क करेंगे। उन्हें एम्बुलेंस की वर्तमान स्थिति, उसके जाने के गंतव्य स्थान और तय किए गए मार्ग के बारे में जानकारी देनी होगी। इस हेल्पलाइन नंबर पर सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम में तैनात टीम तुरंत हरकत में आएगी। इसके बाद एम्बुलेंस के रूट पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों से सीधा संपर्क साधकर तालमेल बनाया जाएगा।
कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही एम्बुलेंस के रास्ते में पड़ने वाले प्रमुख चौराहों को पहले से खाली कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किए जाएंगे, विपरीत दिशा से आ रहे ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा और आवश्यकता अनुसार वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह पूरी कार्यप्रणाली रोलिंग ट्रैफिक क्लियरेंस व्यवस्था के आधार पर काम करेगी। इस व्यवस्था के तहत जैसे-जैसे एम्बुलेंस सड़क पर आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे उसके आगे आने वाले चौराहों पर एक-एक करके क्रमवार तरीके से ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा। यदि किसी जगह सड़क पर अधिक भीड़ होगी, तो आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के जरिए अन्य वाहन चालकों को एम्बुलेंस के आने की पहले ही सूचना दी जाएगी, ताकि वे समय रहते गाड़ी किनारे कर लें और एम्बुलेंस आसानी से निकल सके।
इस पहल की सफलता अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवाओं और यातायात पुलिस के बीच तत्काल सूचना साझा करने तथा मौके पर प्रभावी समन्वय पर निर्भर करेगी। आपातकालीन मरीजों के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की यह व्यवस्था लागू होने के बाद उसके संचालन और परिणामों पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।





