Haryana Investment: गुजरात दौरे के पहले दिन हरियाणा को 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की निवेशकों से बैठकें
चंडीगढ़, 27 अक्टूबर। हरियाणा में औद्योगिक विकास को गति देने और प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुजरात दौरे के पहले दिन लगभग 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से संबंधित समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। राज्य सरकार के अनुसार, विभिन्न कंपनियों के साथ हुए इन समझौतों से हरियाणा में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और नए निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गुजरात के दौरे पर है, जहां निवेशकों के साथ प्रदेश में उद्योग स्थापित करने और मौजूदा औद्योगिक इकाइयों का विस्तार करने को लेकर चर्चा की जा रही है।
दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न कंपनियों के संस्थापकों, प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन बैठकों में हरियाणा में कंपनियों की मौजूदा गतिविधियों को विस्तार देने, नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने और संभावित निवेश प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे। राज्य सरकार का कहना है कि इन बैठकों के माध्यम से निवेशकों को प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं और निवेश संबंधी नीतियों की जानकारी दी गई।
गुजरात दौरे के पहले दिन हुए समझौतों में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। इनमें डिफेंस टेक्सटाइल क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये, टेक्निकल टेक्सटाइल क्षेत्र में 2,000 करोड़ रुपये और औद्योगिक मशीनरी क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित एमओयू शामिल हैं। इसके अलावा सौर ऊर्जा और कॉस्मेटिक निर्माण के क्षेत्र में कुल 400 करोड़ रुपये तथा वेस्ट-टू-एनर्जी क्षेत्र में 4,000 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी है। इन प्रस्तावों के जरिए हरियाणा में विविध औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और नई व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों और उद्यमियों के साथ खड़ी है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में उद्योगों की स्थापना और विस्तार को प्रोत्साहित करने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर लगातार काम किया जा रहा है। सरकार निवेशकों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है, जहां उन्हें उद्योग शुरू करने और संचालित करने में आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण, मजबूत औद्योगिक अवसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योगों से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, समयबद्ध स्वीकृतियां सुनिश्चित करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की उद्योग-अनुकूल नीतियां, निवेश प्रोत्साहन योजनाएं और सिंगल विंडो प्रणाली उद्यमियों को परियोजनाओं की स्थापना और संचालन में सहूलियत प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी उद्योगपतियों और निवेशकों को अप्रैल 2027 में हरियाणा में आयोजित होने वाले ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को सामने रखने, उद्योग जगत के साथ संवाद बढ़ाने और नई व्यावसायिक साझेदारियां विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा। सरकार चाहती है कि निवेशक हरियाणा में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों का लाभ उठाएं और राज्य के आर्थिक विकास में भागीदार बनें।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में स्थायी औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और रोजगार सृजन के नए अवसर तैयार करना है। हरियाणा में निवेश करने वाले उद्योगों को नियमानुसार उपलब्ध प्रोत्साहन, आवश्यक अनुमतियां और विभागीय सहयोग प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की जरूरतों और सुझावों को ध्यान में रखते हुए नीतियों तथा प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि निवेशकों को अनावश्यक प्रक्रियागत बाधाओं का सामना न करना पड़े और वे अपनी परियोजनाओं को निर्धारित समय पर आगे बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात दौरे के दौरान हुए एमओयू औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, सहायक उद्योगों के विकास और नई व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से रोजगार के नए अवसर पैदा होने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और प्रदेश की औद्योगिक क्षमता बढ़ने की संभावनाएं हैं। हालांकि, निवेश प्रस्तावों का वास्तविक आर्थिक प्रभाव उनके क्रियान्वयन और परियोजनाओं की प्रगति पर निर्भर करेगा। राज्य सरकार निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करके हरियाणा को निवेश, नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रयासरत है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक अनिरुद्ध यादव, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक मानव मलिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





