Delhi Road Safety: पूर्वी दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस का जागरूकता अभियान, स्कूली बच्चों को समझाए सुरक्षित यातायात के नियम
पूर्वी दिल्ली में स्कूली बच्चों को सड़क पर सुरक्षित व्यवहार और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने खास अभियान चलाया। कार्यक्रम में बच्चों को ट्रैफिक सिग्नल, पैदल सड़क पार करने के तरीकों और सड़क पर अनुशासन बनाए रखने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि यातायात नियमों की जानकारी और उनका नियमित पालन स्वयं के साथ दूसरों की सुरक्षा के उद्देश्य से भी जरूरी है।
जागरूकता कार्यक्रम में ज्वाइंट सीपी ट्रैफिक संजय त्यागी और डीसीपी ट्रैफिक श्वेता सिंह चौहान समेत दिल्ली पुलिस के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बच्चों से संवाद करते हुए सड़क सुरक्षा से जुड़ी बातों को सरल तरीके से समझाया। अभियान का उद्देश्य छोटी उम्र से ही बच्चों में सावधानी और जिम्मेदारी की आदत विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के समय लाल, पीली और हरी बत्ती के महत्व पर खास जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि लाल बत्ती रुकने का संकेत देती है, जबकि पीली बत्ती पर खास सतर्कता जरूरी होती है। हरी बत्ती होने पर भी आसपास की हालात पर ध्यान देते हुए और यातायात नियमों का पालन करके आगे बढ़ना चाहिए। अधिकारियों ने संकेतों को समझने के साथ उनके अनुसार व्यवहार करने की अहमियत बताई।
बच्चों को यह भी समझाया गया कि सड़क पार करने से पहले दोनों दिशाओं में देखकर वाहनों की आवाजाही का आकलन करना जरूरी है। जहां पैदल यात्रियों के उद्देश्य से निर्धारित क्रॉसिंग उपलब्ध हो, उसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। सड़क पार करते समय जल्दबाजी और आसपास के यातायात को नजरअंदाज करने से खतरा बढ़ सकता है।
अभियान में वाहनों की गति सीमा और सड़क पर अनुशासन का महत्व भी बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा में हर व्यक्ति की भूमिका होती है। वाहन चालक, पैदल यात्री और अन्य सड़क उपयोगकर्ता नियमों का पालन करें तो दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है। बच्चों को सुरक्षित व्यवहार की इन बातों को रोजमर्रा की आदत में शामिल करने के उद्देश्य से प्रेरित किया गया।
ट्रैफिक पुलिस ने बच्चों से अपने परिवार के सदस्यों को भी यातायात नियमों का पालन करने का संदेश देने को कहा। कार्यक्रम के जरिए यह समझाने का कोशिश किया गया कि बच्चे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक होकर परिवार और समाज में भी सावधानी का संदेश पहुंचा सकते हैं।
पूर्वी दिल्ली में आयोजित यह अभियान बच्चों की यातायात संबंधी समझ बढ़ाने पर केंद्रित रहा। पुलिस अधिकारियों ने सड़क पर सतर्क रहने, निर्धारित संकेतों का पालन करने और अपनी सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह बताया गया कि सुरक्षित यात्रा की शुरुआत नियमों को जानने और उन्हें व्यवहार में अपनाने से होती है।





