Delhi Illegal Firecrackers: त्रिलोकपुरी से 707 किलो से अधिक पटाखे बरामद, आरोपी गिरफ्तार; पटौदी के सप्लायर की तलाश
दिवाली और आगामी त्योहारों से पहले पूर्वी दिल्ली में अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के विरुद्ध पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पूर्वी जिला पुलिस की AATS टीम ने त्रिलोकपुरी इलाके में छापेमारी और उसके पश्चात की जांच के समय कुल 707.375 किलोग्राम पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि, इस प्रकरण में 37 वर्षीय विकास जैन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पटाखों के भंडारण और बिक्री से जुड़ा कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं दिखा सका।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, टीम को त्रिलोकपुरी में अवैध पटाखे रखे जाने और उनकी बिक्री से सम्बद्ध गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर 20 अक्टूबर 2026 की शाम करीब छह बजे ब्लॉक-20 स्थित सेंट्रल मार्केट में छापेमारी की गई। शुरुआती कार्रवाई में विकास जैन के कब्जे से 47.700 किलोग्राम पटाखे बरामद किए गए।
बरामद पटाखों से सम्बद्ध जरूरी अनुमति और दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने पटाखों को जब्त किया और नमूना लेने की प्रक्रिया पूरी की। इसके उपरांत 21 अक्टूबर को मयूर विहार थाने में एफआईआर नंबर 474/2026 दर्ज की गई। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 223(B)/288 और विस्फोटक अधिनियम की धारा 9(B) के तहत दर्ज किया गया है।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पटाखों के अतिरिक्त भंडारण की जानकारी मिली। आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से 659.675 किलोग्राम और पटाखे बरामद किए गए। सेंट्रल मार्केट और घर से हुई बरामदगी को मिलाकर कुल वजन 707.375 किलोग्राम हो गया। पुलिस अब इतनी बड़ी खेप की खरीद, परिवहन और संभावित बिक्री से जुड़े विवरण की पड़ताल कर रही है।
पुलिस का कहना है कि, विकास जैन ने पूछताछ में कथित तौर पर जानकारी दी कि उसने पटाखे हरियाणा के पटौदी इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति से खरीदे थे। जांच टीम इस जानकारी का सत्यापन कर रही है। सप्लायर को किए गए भुगतान और उससे हुए संपर्क से सम्बद्ध विवरण की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि पटाखों की आपूर्ति की पूरी कड़ी सामने आ सके।
आरोपी ने कथित सप्लायर के गोदाम की पहचान कराने की बात भी कही है। इसके आधार पर पुलिस संभावित ठिकानों तक पहुंचने और सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का कोशिश कर रही है। जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि बरामद पटाखे किन स्थानों पर बेचे जाने थे और क्या इनकी आपूर्ति किसी बड़े नेटवर्क के जरिए की जा रही थी।
अभी विकास जैन के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रखी जाएगी और पटाखों के स्रोत से लेकर उनकी खरीद-बिक्री में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी स्पष्ट की जाएगी। कथित सप्लायर के संबंध में सामने आई जानकारी की तस्दीक के पश्चात आगे की कार्रवाई की जाएगी।





