Siwan Firecracker Blast: बिहार के सीवान में पटाखों से भरे मकान में भीषण धमाके, 4 लोगों की मौत की पुष्टि; बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
बिहार के सीवान जिले के आलमापुर गांव में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को पटाखों में आग लगने के पश्चात एक मकान में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके इतने तेज थे कि मकान का अगला हिस्सा ढहकर सड़क पर गिर गया। घटना के पश्चात पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। शुरुआती जानकारी में कई लोगों की मौत की खबर सामने आई, जबकि सीवान के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने चार लोगों की मौत की तस्दीक की। घटनास्थल पर राहत एवं बचाव अभियान जारी रहने के कारण मृतकों की अंतिम संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
यह हादसा जिले के जामो थाना क्षेत्र की आंद्रू पंचायत के आलमापुर गांव में हुआ। मिली जानकारी के मुताबिक, स्थानीय निवासी मोहम्मद अमीरुद्दीन मियां के मकान में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे हुए थे। उन्हें पटाखों के कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के समय घर में परिवार के कई सदस्य मौजूद थे। इसी दौरान पटाखों में आग लग गई और आग ने आसपास रखे अन्य पटाखों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इसके उपरांत मकान के भीतर एक के पश्चात एक जोरदार धमाके होने लगे।
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा और मलबा सड़क पर बिखर गया। धमाकों की आवाज आसपास के इलाकों तक सुनाई दी, जिसके पश्चात लोग घरों से बाहर निकल आए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, करीब दो घंटे तक रुक-रुककर विस्फोट होते रहे। मकान में पटाखों की बड़ी मात्रा होने के कारण घटनास्थल पर निरंतर खतरा बना रहा और राहत कार्य करने वाली टीमों को खास सावधानी बरतनी पड़ी।
सीवान के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने जानकारी दी कि पुलिस को शाम करीब 5:20 बजे विस्फोट की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के समय परिवार के सात सदस्य मकान के अंदर मौजूद थे। चार लोगों की मौत की तस्दीक की गई थी, जबकि अन्य सदस्यों की हालात का पता लगाने के उद्देश्य से तलाश और जांच जारी थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मृतकों की अंतिम संख्या मेडिकल टीम की जांच और बचाव अभियान के पश्चात ही निर्धारित हो सकेगी।
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस, अग्निशमन महकमा, मेडिकल टीम और बिजली महकमा के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच गए। फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित मकान के आसपास के क्षेत्र को घेर लिया गया और स्थानीय लोगों से घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर रहने की अपील की गई। निरंतर धमाकों की आशंका के कारण बचाव अभियान में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही थी।
पुलिस अब इस बात की पड़ताल में जुटी है कि मकान में रखे पटाखे कहां से लाए गए थे और उनका निर्माण या कारोबार करने के उद्देश्य से वैध लाइसेंस मौजूद था या नहीं। ग्रामीणों का दावा है कि सम्बद्ध परिवार लंबे समय से पटाखों का काम कर रहा था और उसके पास पुराना लाइसेंस था। हालाँकि, पुलिस ने इस जानकारी का सत्यापन करने की बात कही है। जांच में लाइसेंस संबंधी नियमों के उल्लंघन या किसी स्तर पर लापरवाही का पता चलने पर सम्बद्ध लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
एसपी भारत सोनी ने जानकारी दी कि प्रशासन की ओर से अधिकारियों को पटाखों के लाइसेंस का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए थे। घटना के पश्चात यह भी जांचा जाएगा कि सम्बद्ध मकान और कारोबार से जुड़े दस्तावेज नियमों के अनुरूप थे या नहीं। पुलिस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विस्फोट के कारणों, पटाखों के भंडारण और सुरक्षा इंतजाम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।
सीवान के आलमापुर गांव में हुए इस हादसे ने पटाखों के सुरक्षित भंडारण और निर्माण से जुड़े नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभी, प्रशासन की पहली प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित रखना, संभावित पीड़ितों की तलाश करना और घटना के कारणों का पता लगाना है। मृतकों की अंतिम संख्या और हादसे की पूरी परिहालातयों के संबंध में सरकारी जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।





