Sunday, 25 October 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Hapur News : हापुड़ में सुरक्षा प्रकोष्ठ की मासिक बैठक, व्यापारियों से पुलिस ने की ये अपीलHapur News : हापुड़ में बच्चों के विवाद में दो पक्षों की महिलाओं में मारपीट, चार महिलाएं हिरासत मेंBulandshahar : बुलंदशहर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो चचेरे भाइयों को रौंदा, मौत के बाद चालक गिरफ्तारBulandshahar : बुलंदशहर जेल में 93 वर्षीय विचाराधीन कैदी की मौत, पॉक्सो एक्ट के मामले में था बंदBulandshahar : बुलंदशहर में कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज में तृतीय व्हाइट कोट समारोह आयोजितBulandshahar : बुलंदशहर में वृंदावनी दिवाली मेले का शुभारंभ, सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने किया उद्घाटनNaseeruddin Shah Statement: कोलकाता फिल्म संस्थान के छात्रों के समर्थन में उतरे नसीरुद्दीन शाह, भाजपा पर साधा तीखा निशानाLudhiana Dowry Assault: दहेज में थार और बाइक की मांग पूरी न होने पर पति ने पत्नी को सड़क पर घसीटकर पीटा, सीसीटीवी में कैद हुई बर्बरता

Greater Noida Farmer Protest: 4 प्रतिशत अतिरिक्त आवासीय प्लॉट की मांग को लेकर अड़े किसान, पुलिस ने 50 से अधिक को लिया हिरासत में

Greater Noida Farmer Protest: 4 प्रतिशत अतिरिक्त आवासीय प्लॉट की मांग को लेकर अड़े किसान, पुलिस ने 50 से अधिक को लिया हिरासत में

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण से प्रभावित 44 गांवों के किसानों द्वारा 4 प्रतिशत अतिरिक्त आवासीय भूखंड और अन्य बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर गुरुवार को प्रस्तावित महाधरना और घेराव पुलिसिया सख्ती के चलते टकराव में बदल गया। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन रोकने के लिए लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 का हवाला देते हुए पुलिस ने सुबह से ही कड़ा पहरा लगा दिया और प्राधिकरण मुख्यालय की ओर कूच कर रहे 50 से अधिक किसानों और किसान नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।

किसानों के आंदोलन की घोषणा को देखते हुए पुलिस प्रशासन बुधवार रात से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। पुलिस के आलाधिकारियों ने रात में ही पाली, जुनपत, डाढ़ा, घंघोला और मायचा सहित कई प्रमुख गांवों में दबिश देकर किसान नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया। गुरुवार सुबह जब किसान जत्थों में प्राधिकरण दफ्तर की ओर बढ़ने लगे, तो सूरजपुर, परी चौक और प्राधिकरण के मुख्य प्रवेश द्वारों पर भारी पुलिस बल, पीएसी और वाटर कैनन तैनात कर दिए गए। रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग और जेसीबी मशीनें लगाकर किसानों के वाहनों को रोक लिया गया, जिसके बाद किसानों ने मौके पर ही जमकर नारेबाजी की और पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई।

हिरासत में लिए जाने के दौरान किसान नेताओं ने प्राधिकरण प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि 44 गांवों के किसान पिछले कई वर्षों से 4 प्रतिशत अतिरिक्त भूखंड और आबादी की लीजबैक के लिए शांतिपूर्ण मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर से हर बार केवल झूठे आश्वासन दिए जाते हैं। इसी बीच किसान नेता बृजेश भाटी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कासना कोतवाली पहुंचकर बुधवार को यमुना प्राधिकरण आंदोलन के दौरान जेल भेजे गए 12 किसानों की रिहाई की मांग को लेकर भी ज्ञापन सौंपा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें