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Jimmy Carter: हरियाणा के ‘कार्टरपुरी’ गांव से जुड़ा था जिमी कार्टर का खास नाता, भारत-अमेरिका संबंधों की नींव रखी

Jimmy Carter
Jimmy Carter: हरियाणा के 'कार्टरपुरी' गांव से जुड़ा था जिमी कार्टर का खास नाता, भारत-अमेरिका संबंधों की नींव रखी

Jimmy Carter, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति, का हरियाणा के ‘कार्टरपुरी’ गांव से खास नाता था। भारत दौरे पर उनके सम्मान में गांव का नाम बदला गया। जानें उनकी विरासत और भारत-अमेरिका संबंधों में योगदान।

Jimmy Carter: हरियाणा के ‘कार्टरपुरी’ से खास नाता

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Jimmy Carter , जो 100 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए, का भारत से एक अनूठा रिश्ता था। जिमी कार्टर ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। खास बात यह है कि हरियाणा के दौलतपुर नसीराबाद गांव को उनके सम्मान में ‘कार्टरपुरी’ नाम दिया गया।

कार्टरपुरी, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर के नाम पर क्यों पड़ा  हरियाणा के गांव का नाम! | Jimmy Carter Haryana Carterpuri village story  former us president dies

क्यों आया ‘कार्टरपुरी’ नाम?

1978 में अपने भारत दौरे के दौरान जिमी कार्टर ने हरियाणा के दौलतपुर नसीराबाद गांव का दौरा किया। उनकी मां, लिलियन कार्टर, 1960 के दशक में यहां पीस कॉर्प्स के साथ स्वास्थ्य सेवा में स्वयंसेवक के रूप में काम कर चुकी थीं। कार्टर की इस यात्रा के बाद, गांव के लोगों ने उनके सम्मान में गांव का नाम बदलकर ‘कार्टरपुरी’ कर दिया।

भारत-अमेरिका संबंधों की नींव

Jimmy Carter का भारत दौरा ऐतिहासिक रहा। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के साथ दिल्ली घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए, जिससे भारत-अमेरिका संबंधों का नया युग शुरू हुआ। उनके प्रशासन के बाद दोनों देशों ने ऊर्जा, तकनीकी सहयोग, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम किया।

अमेरिका के दिवंगत राष्ट्रपति जिमी कार्टर भारत से रहा गहरा नाता - 22Scope  News

Jimmy Carter की विरासत

1 अक्टूबर 1924 को जन्मे जिमी कार्टर, 1977 से 1981 तक अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति रहे। उन्होंने राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद ‘कार्टर सेंटर’ की स्थापना की, जिसने मानवता की सेवा में अभूतपूर्व योगदान दिया। इसके लिए उन्हें 2002 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

भारत-अमेरिका साझेदारी को नई दिशा

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अमेरिका-भारत संबंधों में तनाव आया था, लेकिन Jimmy Carter ने भारत को एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदार के रूप में देखा। उनकी दूरदर्शिता ने 2000 के दशक में भारत-अमेरिका के असैन्य परमाणु समझौते की नींव रखी, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और सहयोग में वृद्धि हुई।

Jimmy Carter  का निधन

जिमी कार्टर का निधन रविवार देर रात जॉर्जिया में उनके घर पर हुआ। वे मेलानोमा (स्किन कैंसर) से पीड़ित थे, जो उनके लिवर और दिमाग तक फैल गया था। उनका इलाज उनके घर पर ही चल रहा था।

निष्कर्ष

जिमी कार्टर केवल अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा स्रोत रहे। उनका हरियाणा के ‘कार्टरपुरी’ गांव से जुड़ाव और भारत-अमेरिका संबंधों में योगदान उन्हें हमेशा यादगार बनाए रखेगा।

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https://youtu.be/ILXkGtewcvg/

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संवाददाता

Priyanka Singh

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