गेल इंडिया स्थापित करेगी विश्वस्तरीय रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर, 700 करोड़ निवेश होगा

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गेल इंडिया के कार्यकारी निदेशक संजीव कुमार ने यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर अरुण वीर सिंह को पत्र लिखकर इस संबंध में जमीन की मांग की है।
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी से एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है

अमर सैनी

नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी से एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है। गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) ने यमुना प्राधिकरण से जमीन की मांग की है। गेल इंडिया यमुना सिटी के संस्थागत सेक्टर में अपना अत्याधुनिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करना चाहती है।

गेल इंडिया के कार्यकारी निदेशक संजीव कुमार ने यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर अरुण वीर सिंह को पत्र लिखकर इस संबंध में जमीन की मांग की है। शुक्रवार को डॉ. अरुणवीर सिंह ने इस जानकारी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गेल इंडिया को यमुना सिटी के सेक्टर 13 में जमीन आवंटित की जाएगी। गेल इंडिया, जो भारत सरकार का एक प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम है, यमुना प्राधिकरण के संस्थागत क्षेत्र में एक विश्वस्तरीय रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही है। इस केंद्र में पाइपलाइन परिवहन, पेट्रोकेमिकल्स, नवीकरणीय ईंधन और अन्य भविष्य के क्षेत्रों पर शोध किया जाएगा। गेल इंडिया ने इस केंद्र की स्थापना के लिए एक परामर्श फर्म के माध्यम से पूरी योजना तैयार कर ली है। प्रारंभिक चरण में इस केंद्र की स्थापना पर लगभग 500-700 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। डॉ. अरुण वीर सिंह ने बताया कि गेल इंडिया के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक उपक्रमों में शामिल गेल इंडिया को यमुना सिटी के सेक्टर 13 में 25 एकड़ जमीन का आवंटन किया जाएगा। यह भूमि आवंटन अगले दो-तीन दिनों में होने की संभावना है। यह परियोजना यमुना प्राधिकरण के संस्थागत क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस निर्णय से न केवल क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह कदम यमुना सिटी को एक प्रमुख औद्योगिक और शोध केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

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