Employment Scheme: नोएडा में दोबारा नौकरी पाने वालों की संख्या 4.78 लाख पहुंची, 1.50 लाख युवाओं को मिली पहली नौकरी
नोएडा। नोएडा में औपचारिक क्षेत्र में रोजगार हासिल करने वाले कर्मचारियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत नोएडा में दोबारा नौकरी प्राप्त करने वाले लोगों की संख्या 4.78 लाख तक पहुंच गई है। इसके साथ ही पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं की संख्या भी करीब 1.50 लाख दर्ज की गई है।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पहली बार औपचारिक क्षेत्र में नौकरी पाने वाले पात्र युवाओं को 15 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। वहीं नई नौकरियां सृजित करने वाली कंपनियों को भी पात्रता के आधार पर प्रति नए कर्मचारी तीन हजार रुपये प्रति माह तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसका उद्देश्य युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने के साथ कंपनियों को नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना के तहत पहली बार औपचारिक क्षेत्र में नौकरी पाने वाले ऐसे युवा पात्र हैं, जिनका मासिक वेतन एक लाख रुपये तक है। पात्र कर्मचारियों को निर्धारित आर्थिक सहायता दो किस्तों में उपलब्ध कराई जाती है। ईपीएफओ के माध्यम से कर्मचारियों और कंपनियों का पंजीकरण कर पात्रता के आधार पर योजना का लाभ दिया जा रहा है।
यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित होने वाली पात्र नौकरियों पर लागू है। इसके तहत कंपनियों में नए सृजित पदों और कर्मचारियों के रोजगार रिकॉर्ड के आधार पर प्रोत्साहन राशि निर्धारित की जाती है।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम नोएडा सुयश पांडे के अनुसार पहली बार नौकरी पाने वाले जिन पात्र कर्मचारियों ने छह महीने की निर्धारित अवधि पूरी कर ली है, उन्हें योजना के तहत पहली किस्त जारी की जा चुकी है। नोएडा की विभिन्न कंपनियों में पहली बार रोजगार हासिल करने वाले युवाओं की संख्या अब करीब 1.50 लाख तक पहुंच गई है।
वहीं, पहले नौकरी कर चुके और अब दोबारा रोजगार हासिल करने वाले कर्मचारियों की संख्या इससे काफी अधिक है। नोएडा में ऐसे कर्मचारियों का आंकड़ा करीब 4.78 लाख तक पहुंच गया है। इन कर्मचारियों का भी योजना के तहत पंजीकरण किया गया है। पात्र नए रोजगार सृजन के आधार पर संबंधित कंपनियों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना में कंपनियों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। नोएडा में अब तक करीब 5,900 कंपनियां प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पंजीकृत हो चुकी हैं। हालांकि ईपीएफओ ने 6,500 से अधिक कंपनियों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा है। ऐसे में आने वाले समय में और कंपनियों को योजना से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
ईपीएफओ के आंकड़े नोएडा के औद्योगिक और कॉरपोरेट क्षेत्र में रोजगार की गतिविधियों को भी दर्शाते हैं। पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं के साथ बड़ी संख्या में अनुभवी कर्मचारी भी दोबारा औपचारिक रोजगार से जुड़े हैं। योजना के माध्यम से सरकार का प्रयास नए रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और कर्मचारियों को संगठित क्षेत्र की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने का है।





