Noida IT Plots: आईटी-आईटीईएस भूखंड हुए महंगे, प्राधिकरण ने सभी फेज के लिए 86 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की एक समान दर की तय
नोएडा। शहर में आईटी और आईटीईएस कंपनियों के लिए जमीन लेना अब पहले की तुलना में महंगा होगा। नोएडा प्राधिकरण ने आईटी-आईटीईएस श्रेणी के भूखंडों की आवंटन दरों में बड़ा बदलाव करते हुए 86 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की नई दर निर्धारित की है। नई व्यवस्था इसी महीने से लागू कर दी गई है और आगे होने वाले भूखंड आवंटन इसी दर के आधार पर किए जाएंगे।
अभी तक नोएडा में आईटी और आईटीईएस भूखंडों की कीमत फेज-1, फेज-2 और फेज-3 के आधार पर अलग-अलग निर्धारित होती थी। अलग-अलग क्षेत्रों में जमीन की आवंटन दर करीब 30 हजार से 46 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के बीच थी। अब प्राधिकरण ने फेज के आधार पर अलग-अलग दर निर्धारित करने की व्यवस्था समाप्त कर दी है।
नई नीति के तहत नोएडा में आईटी-आईटीईएस श्रेणी के भूखंड के लिए एक समान 86 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर लागू होगी। यानी अब भूखंड किस फेज में स्थित है, इसके आधार पर आवंटन दर में अंतर नहीं होगा।
पुरानी अधिकतम आवंटन दर 46 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर से तुलना की जाए तो नई दर 40 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर अधिक है। वहीं जिन क्षेत्रों में पहले 30 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर लागू थी, वहां नई दर पुराने मुकाबले 56 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक अधिक होगी।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक शहर में आईटी और आईटीईएस गतिविधियों के लिए उपलब्ध जमीन लगातार सीमित होती जा रही है। इसी स्थिति को देखते हुए भूखंडों की आवंटन नीति और दरों में बदलाव किया गया है।
नोएडा का सेक्टर-62 लंबे समय से आईटी और कॉरपोरेट गतिविधियों के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। अब यहां कुछ हिस्सों को छोड़कर आईटी-आईटीईएस गतिविधियों के लिए प्राधिकरण के पास जमीन के विकल्प सीमित हैं। ऐसे में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित सेक्टर इस श्रेणी के भूखंडों के लिए प्रमुख विकल्प के रूप में बचे हैं।
प्राधिकरण के पास नई और बड़े स्तर की आईटी भूखंड योजना लाने के लिए भी पर्याप्त अतिरिक्त जमीन उपलब्ध नहीं बताई जा रही है। उपलब्ध जमीन की सीमित मात्रा को देखते हुए प्राधिकरण ने उसके आवंटन के लिए एक समान मूल्य व्यवस्था अपनाने का फैसला किया है।
खास बात यह है कि आईटी-आईटीईएस भूखंडों की आवंटन दर में यह संशोधन वित्तीय वर्ष के बीच में किया गया है। सामान्य तौर पर प्राधिकरण की विभिन्न संपत्ति श्रेणियों की दरों में बदलाव को वित्तीय वर्ष की शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इस श्रेणी में बीच वित्तीय वर्ष में नई दर लागू की गई है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद आईटी और आईटीईएस कंपनियों को नोएडा में प्राधिकरण से भूखंड लेने के लिए ज्यादा राशि खर्च करनी होगी। भूखंड का आकार बड़ा होने पर बढ़ी हुई प्रति वर्गमीटर दर के कारण परियोजना की कुल भूमि लागत पर भी बड़ा असर पड़ेगा।
प्राधिकरण अब भविष्य में होने वाले आईटी-आईटीईएस भूखंड आवंटनों में फेज-1, फेज-2 और फेज-3 के आधार पर अलग-अलग कीमत नहीं रखेगा। आने वाली योजनाओं और नए आवंटनों में 86 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की एक समान दर को आधार बनाया जाएगा।
इस बदलाव का सीधा असर नोएडा में नई आईटी और आईटीईएस परियोजनाओं के लिए जमीन लेने की योजना बना रही कंपनियों पर पड़ेगा। सीमित उपलब्धता और नई आवंटन नीति के कारण अब प्राधिकरण से आईटी भूखंड हासिल करने की लागत पहले की तुलना में काफी अधिक हो जाएगी।





