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Punjab : RJD सांसद सुधाकर सिंह बोले- कर्ज और निर्भरता से जूझ रहा बिहार, पंचायती राज टैक्स से बढ़ेगी आम आदमी की मुश्किल

Patna (मृत्युंजय) : प्रेस वार्ता के दौरान राजद सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को लेकर साफ तौर पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बिहार आज भी एक हाथ-निर्भर राज्य बना हुआ है। विकास के लिए बिहार को काफी हद तक केंद्र सरकार और अन्य राज्यों के सहयोग पर निर्भर रहना पड़ता है। राज्य के अपने संसाधन सीमित हैं, उद्योग कम हैं और रोजगार के अवसर भी पर्याप्त नहीं हैं। इसी वजह से बिहार पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

सुधाकर सिंह ने कहा कि कर्ज में डूबे होने के बावजूद बिहार के लोग हिम्मत नहीं हारते। कई राज्यों में आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज से लोग निराश हो जाते हैं, लेकिन बिहार की मिट्टी अलग है। यहां का आम आदमी मेहनत और लगन से जीना जानता है। चाहे हालात कितने भी मुश्किल हों, बिहार का किसान, मजदूर और युवा अपनी मेहनत से परिवार चलाता है और हर चुनौती का सामना करता है। यही वजह है कि तमाम दिक्कतों के बावजूद बिहार आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार में जो जज्बा है वह दूसरे राज्यों में कम देखने को मिलता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की कमी के बावजूद यहां के बच्चे बड़े-बड़े शहरों में जाकर नाम रोशन कर रहे हैं। मजदूर दूसरे राज्यों में जाकर मेहनत कर अपने घर का खर्च चला रहे हैं। कर्ज और संसाधनों की कमी ने बिहार के लोगों का आत्मविश्वास नहीं तोड़ा है।

इसी बीच सुधाकर सिंह ने पंचायती राज व्यवस्था के तहत लगने वाले नए टैक्स का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार पंचायत स्तर पर जो टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है, उसका सीधा असर आम घरों पर पड़ेगा। पंचायती राज टैक्स भले ही विकास के नाम पर लगाया जा रहा हो, लेकिन हकीकत में इसका बोझ गांव के हर घर को उठाना होगा। महंगाई, बेरोजगारी और कर्ज की मार झेल रहे लोगों पर नया टैक्स लगने से उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह और कठिन हो जाएगा क्योंकि उनकी आमदनी सीमित है और खर्च लगातार बढ़ रहा है।

सुधाकर सिंह का मानना है कि सरकार को टैक्स लगाने से पहले यह सोचना चाहिए कि जनता की जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा। अगर विकास के नाम पर हर घर से पैसा लिया जाएगा तो लोग सवाल करेंगे कि बदले में उन्हें क्या मिल रहा है। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त नहीं होंगी तो टैक्स का विरोध स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग मेहनती हैं और टैक्स देने से पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। टैक्स के पैसे के खर्च में पारदर्शिता होनी चाहिए और उसका लाभ आम आदमी तक पहुंचना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि बिहार को सिर्फ कर्ज और टैक्स के सहारे नहीं चलाया जा सकता। बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्योग, कृषि और रोजगार पर काम करना होगा। जब तक बिहार अपने पैरों पर खड़ा नहीं होगा, तब तक हर नए टैक्स और हर नए कर्ज से आम आदमी की परेशानी बढ़ती रहेगी। लेकिन उन्हें भरोसा है कि बिहार के लोग अपनी मेहनत से एक दिन इस स्थिति को भी बदल देंगे, क्योंकि बिहार हार मानना नहीं जानता।

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संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

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