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RML Super Speciality Block: 666 बेड के नए ब्लॉक में नर्सिंग स्टाफ की कमी पर उठे सवाल, AIGNF ने स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखा पत्र

RML Super Speciality Block: 666 बेड के नए ब्लॉक में नर्सिंग स्टाफ की कमी पर उठे सवाल, AIGNF ने स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखा पत्र

नई दिल्ली, 25 जून। डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के बहुप्रतीक्षित 666 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के संचालन को लेकर नर्सिंग समुदाय ने गंभीर चिंता जताई है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस अत्याधुनिक भवन में चिकित्सा सेवाएं शुरू करने से पहले पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। इसी बीच जानकारी सामने आई है कि प्रस्तावित एक जुलाई को होने वाला लोकार्पण अब टल सकता है।

ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन (AIGNF) ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की है कि सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को चालू करने से पहले नर्सिंग कैडर के सभी आवश्यक पद स्टाफ इंस्पेक्शन यूनिट (SIU) के मानकों के अनुसार सृजित और भरे जाएं। संगठन का कहना है कि पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ के बिना इतने बड़े अस्पताल ब्लॉक का संचालन मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

फेडरेशन ने अपने पत्र में आरएमएल अस्पताल की 290 बेड क्षमता वाली ईसीएस बिल्डिंग का उदाहरण देते हुए कहा है कि उस समय भी अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर सेवाएं शुरू की गई थीं। हालांकि बाद में अधिकांश पदों को स्वीकृति नहीं मिली, जिसके कारण मौजूदा नर्सिंग कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया और सेवाओं पर दबाव पड़ा।

AIGNF ने सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए हैं। संगठन के अनुसार पुरुष और महिला कर्मचारियों के लिए पर्याप्त चेंजिंग रूम उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा लॉकर की कमी, नर्सिंग स्टेशनों में सीमित कार्यस्थल और अस्पताल की योजना से जुड़ी बैठकों में नर्सिंग अधीक्षक को शामिल न किए जाने जैसे विषय भी चिंता का कारण हैं।

फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि वह अस्पताल के विस्तार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का स्वागत करता है, लेकिन पर्याप्त मानव संसाधन और आधारभूत सुविधाओं के बिना नए ब्लॉक का संचालन शुरू करना उचित नहीं होगा। संगठन का कहना है कि इससे मरीजों की देखभाल, संक्रमण नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा?

आरएमएल अस्पताल की प्रवक्ता डॉ. वैशाली भारद्वाज ने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के संचालन से पहले अंतिम फायर क्लीयरेंस का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा अस्पताल की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त होने के बाद ही भवन को पूरी तरह शुरू किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि स्थायी भर्ती प्रक्रिया में समय लग सकता है। ऐसे में अंतरिम व्यवस्था के रूप में संविदा आधारित नियुक्तियों के विकल्प पर विचार किया जा रहा है, ताकि अस्पताल की सेवाएं प्रभावित न हों और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े अस्पताल विस्तार परियोजना में भवन और उपकरणों के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में 666 बेड वाले इस सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को पूरी क्षमता से संचालित करने के लिए पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति एक अहम आवश्यकता मानी जा रही है।

 

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