BJP Appointment: नवाब सिंह नागर बने पश्चिमी यूपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष, किसान और गुर्जर राजनीति को साधने की रणनीति

BJP Appointment: नवाब सिंह नागर बने पश्चिमी यूपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष, किसान और गुर्जर राजनीति को साधने की रणनीति
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा दांव खेलते हुए वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी के इस फैसले को आगामी चुनावों की तैयारियों और पश्चिमी यूपी में संगठन को और मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
नवाब सिंह नागर लंबे समय से भाजपा और क्षेत्रीय राजनीति के प्रभावशाली चेहरे रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं और वर्ष 1996 से 2007 के बीच दादरी विधानसभा क्षेत्र का दो बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वह लाल बहादुर शास्त्री गन्ना विकास बोर्ड के अध्यक्ष होने के साथ-साथ भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान, ग्रामीण क्षेत्रों और गुर्जर समाज के बीच नवाब सिंह नागर की मजबूत पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भाजपा ने उनकी नियुक्ति के जरिए क्षेत्र के सामाजिक समीकरणों को साधने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश की है।
गुर्जर और किसान राजनीति में मजबूत पकड़
नवाब सिंह नागर का राजनीतिक सफर लंबे समय से किसानों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलनों से जुड़ा रहा है। उन्होंने नोएडा शहर के धन को बाहर स्थानांतरित करने के विरोध, स्टांप शुल्क वृद्धि के खिलाफ अभियान, किसानों के अधिकारों और जिला बहाली आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
इन आंदोलनों के दौरान उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया और जेल भी जाना पड़ा। क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों से जुड़े मुद्दों को उठाने के कारण उनकी पहचान एक संघर्षशील नेता के रूप में बनी।
डीएनडी टोल विरोधी आंदोलन में अहम भूमिका
नवाब सिंह नागर ने वर्ष 2014 से डीएनडी फ्लाईवे टोल के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया था। वर्ष 2015 में उन्होंने टोल विरोधी कार रैली आयोजित की और वर्ष 2016 में अनिश्चितकालीन धरना दिया। आंदोलन के दौरान उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी।
बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और अदालत के आदेश के बाद डीएनडी फ्लाईवे टोल मुक्त हुआ। इसके अलावा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के 21 हजार भूखंड आवंटियों के मुद्दे को लेकर भी उन्होंने आंदोलन किया और जनहित याचिका दायर कर लोगों की समस्याओं को उठाया।
भाजपा की रणनीति पर नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान, ग्रामीण और जाट-गुर्जर वोट बैंक के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से नवाब सिंह नागर को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। उनकी नियुक्ति को संगठन और जनाधार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
नवाब सिंह नागर का राजनीतिक सफर
नवाब सिंह नागर का जन्म 1 जनवरी 1960 को हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय भरत सिंह था। वह गुर्जर समुदाय से संबंध रखते हैं, जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल है।
उन्होंने वर्ष 1984 में भाजपा में सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। नोएडा शहर में वह पार्टी के प्रथम मंडल अध्यक्ष के रूप में संगठन से जुड़े।
वर्ष 1996 और 2002 में वह दादरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। वर्ष 2002-2003 में उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में सिंचाई राज्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
मार्च 2019 में उन्हें लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष बनाया गया। वर्ष 2013 में वह भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे। वर्ष 2016 में उन्हें भाजपा राष्ट्रीय परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया और वर्ष 2017 में उन्हें भाजपा उत्तर प्रदेश का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया।
अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष के रूप में नवाब सिंह नागर के सामने संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और पार्टी की रणनीति को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।





