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CBSE Revaluation: पुनर्मूल्यांकन में बढ़े अंक, छात्रों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

CBSE Revaluation: पुनर्मूल्यांकन में बढ़े अंक, छात्रों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

 

नोएडा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के परिणाम जारी होने के बाद कई विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद छात्रों के अंकों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे न केवल उनकी शैक्षणिक स्थिति में सुधार हुआ है, बल्कि भविष्य की पढ़ाई और करियर को लेकर नई उम्मीदें भी जगी हैं। कई ऐसे छात्र, जो पहले अनुत्तीर्ण घोषित किए गए थे, अब उत्तीर्ण श्रेणी में शामिल हो गए हैं।

स्कूलों और शिक्षकों के अनुसार पुनर्मूल्यांकन के बाद कई छात्रों के अंकों में 10 से 20 अंकों तक की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से इतिहास, रसायन विज्ञान (कैमिस्ट्री) और जीव विज्ञान (बायोलॉजी) विषयों में छात्रों को अधिक लाभ मिला है। इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि कई मामलों में छात्रों के उत्तरों का सही मूल्यांकन नहीं हो पाया था, जिसे पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया ने सुधारने का अवसर दिया।

एक छात्र ने बताया कि उसके फिजिक्स विषय में 10 अंक बढ़े हैं। इससे न केवल उसका विषय परिणाम बेहतर हुआ, बल्कि उसकी कुल प्रतिशत में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। छात्र ने कहा कि बढ़े हुए अंक उसके लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं हैं, क्योंकि अब उसे उच्च शिक्षा में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

पंचशील बालक इंटर कॉलेज के गणित शिक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी के तीन विषयों में कुल छह अंक बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार मेहनत के अनुरूप अंक नहीं मिल पाते और यह प्रक्रिया उन्हें न्याय दिलाने का माध्यम बनती है।

महामाया बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. छाया जैन ने बताया कि विद्यालय की दो छात्राएं एक-एक विषय में अनुत्तीर्ण घोषित हुई थीं। दोनों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। परिणाम आने के बाद उनके अंक बढ़ गए और वे संबंधित विषयों में उत्तीर्ण हो गईं। इसके अलावा विद्यालय के एक अन्य छात्र के भी तीन विषयों में कुल छह अंक बढ़े हैं, जिससे उसका समग्र परिणाम बेहतर हुआ है।

महर्षि विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य उमेश सिंह सेंगर ने बताया कि अब तक जिन छात्रों के पुनर्मूल्यांकन परिणाम प्राप्त हुए हैं, उनमें एक छात्र के 10 अंक बढ़े हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य छात्रों के परिणाम आने पर और भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

शिक्षकों का मानना है कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। इससे उन छात्रों को राहत मिलती है, जिन्हें लगता है कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन उनकी मेहनत के अनुरूप नहीं हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रक्रिया शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता को मजबूत करती है।

अभिभावकों ने भी पुनर्मूल्यांकन परिणामों पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि कई छात्रों के भविष्य पर कुछ अंकों का बड़ा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में पुनर्मूल्यांकन के माध्यम से सही अंक मिलने से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलती है।

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