Friday, 6 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Bulandshahr : खुर्जा के डाबर गांव में नकली पनीर की फैक्ट्री पर छापा, 10 क्विंटल माल सीजChandigarh : मेरे घर या अस्पताल से एक भी पैसा बरामद नहीं हुआ; 42 घंटे की रेड के बाद ईडी खाली हाथ लौटी- डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ाHapur News : हापुड़ में किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, 5 हजार का जुर्माना भी लगाHapur News : हापुड़ के उद्योगपति संजय गुप्ता का होगा राष्ट्रीय सम्मान, दिल्ली में मिलेगा ग्लोबल आइकॉन अवार्डLucknow : जिस निष्पक्षता से मिली नौकरी, उसी ईमानदारी से पीड़ित को न्याय दिलाएं वैज्ञानिक अधिकारी- सीएम योगीLucknow : पुलिस महारथी और फॉरेंसिक विभाग सारथी बनकर हर व्यक्ति को दिलाएं न्याय- मुख्यमंत्री योगीAyodhya : ‘पुष्पक विमान’ और ‘राम दरबार’ के साथ ही मोहित करेगी रामायण थीमLucknow : बुजुर्गों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का सहारा बनी योगी सरकार, 67.50 लाख लोगों को हर महीने मिल रही पेंशन

GIMS Strike: हड़ताल के बीच मरीजों की सेवा के लिए जिला अस्पताल और चाइल्ड पीजीआई का सहारा लेगा जिम्स

Noida NCR News in Hindi

GIMS Strike: हड़ताल के बीच मरीजों की सेवा के लिए जिला अस्पताल और चाइल्ड पीजीआई का सहारा लेगा जिम्स

नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में चल रही कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए संस्थान प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मरीजों के इलाज और देखभाल में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए जिला अस्पताल और चाइल्ड पीजीआई के पैरामेडिकल स्टाफ की मदद लेने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में दोनों संस्थानों को औपचारिक पत्र भेजा गया है। जिम्स में करीब 140 कर्मचारी स्थायी नौकरी की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं, जिससे अस्पताल की अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. गुप्ता ने बताया कि हड़ताली कर्मचारी बिना लिखित परीक्षा के स्थायी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मांग उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है, जबकि कर्मचारियों की अन्य कई मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद कर्मचारी कार्य पर लौटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि संस्थान को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ सुरक्षाकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश नहीं मिल रहा है। इस मामले में संबंधित एजेंसी को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही नए श्रम कानूनों के अनुरूप कर्मचारियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मरीजों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए जिम्स प्रशासन ने पारदर्शिता बढ़ाने का फैसला भी लिया है। अब अस्पताल में उपचार, जांच या सर्जरी के दौरान मरीजों से ली जाने वाली प्रत्येक राशि की रसीद उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी ऑपरेशन के लिए बाहर से कोई विशेष उपकरण मंगवाया जाता है तो उसकी भी अलग से रसीद दी जाएगी, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को पूरी जानकारी मिल सके।

हड़ताल के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने के लिए जिम्स में अध्ययनरत छात्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सोमवार को मेडिकल छात्रों के सहयोग से चिकित्सकों ने बड़ी संख्या में मरीजों को सेवाएं प्रदान कीं। हालांकि मरीजों को कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह ठप नहीं हुई। अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 1082 मरीजों का परामर्श किया गया, जबकि 38 नए मरीजों को भर्ती किया गया।

प्रबंधन ने बताया कि रुके हुए ऑपरेशन जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा मंगलवार से अस्पताल की एमआरआई मशीन भी दोबारा संचालित होने लगेगी, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी।

दूसरी ओर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने प्रबंधन के आरोपों को खारिज किया है। हड़ताली कर्मचारी मनीषा का कहना है कि आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की सेवाएं लगातार जारी रखी जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है और कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। वहीं प्रशासन सार्वजनिक रूप से यह कह रहा है कि किसी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा।

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के प्रतिनिधि कल्याण ने बताया कि कई दौर की बातचीत के बावजूद समाधान नहीं निकल सका है। उनका कहना है कि यदि जिम्स प्रशासन गंभीरता से प्रयास करे तो विवाद का समाधान संभव है।

इस बीच कर्मचारी आंदोलन को किसान संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। सोमवार को बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता हड़तालियों से मिलने जिम्स पहुंचे, लेकिन उन्हें मुख्य द्वार से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। इससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर सदर एसडीएम आशुतोष गुप्ता और जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. गुप्ता भी पहुंचे और प्रतिनिधियों से बातचीत की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।

जिम्स प्रदेश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। संस्थान में प्रतिवर्ष लगभग 7 लाख मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ उठाते हैं। इसके अलावा 35,590 माइनर सर्जरी, 6,914 मेजर सर्जरी और 2,410 इमरजेंसी सर्जरी की जाती हैं। सामान्य वार्ड में हर वर्ष लगभग 33,654 मरीज भर्ती होते हैं, जबकि 25,455 मरीज आईसीयू सेवाओं का लाभ लेते हैं। ऐसे में हड़ताल का असर बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें