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INS Chilka: आईएनएस चिल्का से 3,012 प्रशिक्षु नौसेना और तटरक्षक बल में शामिल होने को तैयार

INS Chilka: आईएनएस चिल्का से 3,012 प्रशिक्षु नौसेना और तटरक्षक बल में शामिल होने को तैयार

नई दिल्ली। ओडिशा स्थित INS Chilka में बैच 01/26 की भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया, जिसमें 3,012 प्रशिक्षुओं ने 16 सप्ताह का कठोर प्रारंभिक नौसैनिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब ये प्रशिक्षु भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।

इस बैच में भारतीय नौसेना के कुल 2,746 अग्निवीर शामिल रहे, जिनमें 116 महिला अग्निवीर भी थीं। इसके अलावा भारतीय तटरक्षक बल के 265 नाविकों ने भी सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। 16 सप्ताह के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को सैन्य अनुशासन, शारीरिक दक्षता, समुद्री संचालन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा के मूल्यों का प्रशिक्षण दिया गया।

पासिंग आउट परेड की समीक्षा Vice Admiral Sanjay Vatsayan ने की। उन्होंने परेड की सलामी लेते हुए प्रशिक्षुओं को भारतीय नौसेना के मूल मंत्र कर्तव्य, सम्मान और साहस को अपने जीवन में अपनाने तथा राष्ट्र की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नौसेना और तटरक्षक बल में सेवा केवल एक पेशा नहीं बल्कि देश के प्रति सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक है।

समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को विभिन्न पदक और ट्रॉफियां प्रदान की गईं। कोरनाना धनलक्ष्मी और रुधिकेश मारुति पवार को क्रमशः एसएसआर और एमआर श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। वहीं प्राप्ति रमेश चव्हाण को सर्वश्रेष्ठ महिला प्रशिक्षु और देवाशीष को भारतीय तटरक्षक बल का सर्वश्रेष्ठ नाविक चुना गया।

प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन के आधार पर खारवेला डिवीजन को ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि अंग्रे डिवीजन को उपविजेता घोषित किया गया। इन उपलब्धियों ने प्रशिक्षुओं के अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाया।

समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं की द्विभाषी पत्रिका ‘अंकुर (01/26)’ का भी विमोचन किया गया। इस पत्रिका में प्रशिक्षण अवधि के अनुभव, उपलब्धियां और रचनात्मक अभिव्यक्तियां शामिल हैं, जो प्रशिक्षुओं के व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक क्षमता को दर्शाती हैं।

भारतीय नौसेना के अधिकारियों के अनुसार यह पासिंग आउट परेड केवल प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं बल्कि राष्ट्र की समुद्री सुरक्षा और रक्षा के लिए एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत है। अब ये प्रशिक्षु आगे के विशेष प्रशिक्षण चरणों में शामिल होकर भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की परिचालन इकाइयों में अपनी सेवाएं देंगे।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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