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Greater Noida Flyover: ग्रेटर नोएडा में 2.5 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का सफल परीक्षण, 15 जून से जनता के लिए खुलने की तैयारी

Greater Noida Flyover: ग्रेटर नोएडा में 2.5 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का सफल परीक्षण, 15 जून से जनता के लिए खुलने की तैयारी

 

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के लोगों को जल्द ही यातायात जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर साकीपुर के पास निर्मित छह लेन वाले आधुनिक फ्लाईओवर का मंगलवार को सफल परीक्षण किया गया। पहले चरण में ग्रेटर नोएडा वेस्ट से ग्रेटर नोएडा ईस्ट की ओर जाने वाली लेन को एक घंटे के लिए खोला गया, जहां बड़ी संख्या में वाहनों ने फ्लाईओवर का उपयोग किया। परीक्षण सफल रहने के बाद अब इसे 15 जून से आम जनता के लिए खोलने की तैयारी तेज कर दी गई है।

 

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, 130 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क पर तिलपता और मकौड़ा गोलचक्कर के बीच लगभग 2.5 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हो चुका है। यह परियोजना क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण यातायात सुविधाओं में से एक मानी जा रही है, क्योंकि इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ईस्ट के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम हो जाएगा।

 

मंगलवार को किए गए परीक्षण के दौरान परियोजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में वाहनों को फ्लाईओवर से गुजरने की अनुमति दी गई। लगभग एक घंटे तक चले ट्रायल में यातायात संचालन पूरी तरह सामान्य रहा और किसी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने नहीं आई। सफल परीक्षण के बाद फ्लाईओवर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। अब दूसरी दिशा यानी ग्रेटर नोएडा ईस्ट से वेस्ट जाने वाली लेन का परीक्षण अगले एक-दो दिनों में किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि कुछ छोटी तकनीकी कमियों को अंतिम रूप से दुरुस्त किया जा रहा है।

 

इस फ्लाईओवर के शुरू होने से प्रतिदिन सफर करने वाले दो लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासतौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के बाद इस मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यह फ्लाईओवर भविष्य की यातायात जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

यातायात को और अधिक सुगम बनाने के लिए तिलपता गोलचक्कर से लेकर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के फ्लाईओवर तक सर्विस रोड का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अलावा गोलचक्कर के पास यू-टर्न विकसित करने की तैयारी भी चल रही है ताकि स्थानीय यातायात को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सके।

 

प्राधिकरण द्वारा 130 मीटर सड़क के किनारे चार मूर्ति चौक से लेकर सिरसा गोलचक्कर तक बस-वे कॉरिडोर के निर्माण कार्य को भी गति दी गई है। यह परियोजना सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और यातायात दबाव कम करने में सहायक होगी।

 

वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर ने बताया कि दो लेन वाली सर्विस रोड तैयार होने के बाद अंसल हाउसिंग, पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट समेत आसपास की कई आवासीय सोसाइटियों के हजारों निवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के सूरजपुर साइट-सी और साइट-बी तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।

 

यह परियोजना दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के अंतर्गत विकसित की जा रही है। इसकी एक विशेषता यह भी है कि यहां रेलवे ट्रैक, अंडरपास और फ्लाईओवर तीनों एक ही स्थान पर विकसित किए गए हैं। अंडरपास की छत के ऊपर रेलवे ट्रैक गुजरता है और उसके ऊपर फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है, जो आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

 

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने बताया कि मंगलवार को किए गए परीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में वाहनों का सफल संचालन हुआ और कोई तकनीकी बाधा सामने नहीं आई। दूसरी लेन के परीक्षण के बाद फ्लाईओवर को 15 जून से आम जनता के लिए खोलने की योजना है।

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