Himachal Cabinet Decisions: हिमाचल कैबिनेट के बड़े फैसले: 400 वर्क इंस्पेक्टर, 300 डॉक्टरों की भर्ती, किसानों को राहत और स्वास्थ्य बीमा 10 लाख तक बढ़ाने की मंजूरी
Himachal Cabinet Decisions: हिमाचल कैबिनेट के बड़े फैसले: 400 वर्क इंस्पेक्टर, 300 डॉक्टरों की भर्ती, किसानों को राहत और स्वास्थ्य बीमा 10 लाख तक बढ़ाने की मंजूरी
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में जनहित, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सरकारी कर्मचारियों, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और आम नागरिकों को राहत देने वाली अनेक योजनाओं और नीतियों को मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों द्वारा पूर्व में अस्वीकृत करुणामूलक नियुक्ति मामलों की एकमुश्त पुनर्समीक्षा का निर्णय लिया है। इसके तहत उचित पाए जाने वाले मामलों की दोबारा जांच की जाएगी तथा आवश्यक छूट देकर पात्र परिवारों को राहत प्रदान की जाएगी। बैठक में सरकारी भूमि पर वर्षों से निवास कर रहे भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमितीकरण नीति-2026 को मंजूरी दी गई। यह नीति आवासीय, कृषि और बागवानी उपयोग के लिए सरकारी भूमि पर कब्जे वाले पात्र लोगों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसानों को बड़ी राहत देते हुए मंत्रिमंडल ने कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया। इस योजना के तहत जिन किसानों की भूमि ऋण के कारण नीलामी के खतरे में है, उनके तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज का 50 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। इससे प्रदेश के हजारों किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। रोजगार के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय के अंतर्गत 400 वर्क इंस्पेक्टर पदों के सृजन और भर्ती को मंजूरी दी। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 300 चिकित्सा अधिकारियों, 250 मल्टी टास्क वर्करों, 200 स्टाफ नर्सों तथा 162 अन्य तकनीकी पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई। इनमें ऑपरेशन थिएटर सहायक, रेडियोग्राफर और लैब तकनीशियन ग्रेड-2 के पद शामिल हैं। प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 सहायक प्रोफेसरों के पद भरे जाएंगे। साथ ही नेरचौक मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विभाग के लिए अतिरिक्त पदों की स्वीकृति भी दी गई। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में भी विभिन्न विभागों में 17 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी। मंत्रिमंडल ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का निर्णय लिया है। पूर्व में अध्ययन अवकाश ले चुके कर्मचारियों को भी बकाया वेतन का भुगतान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 31 मार्च 2026 तक लगातार सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने को मंजूरी दी गई है। जॉब ट्रेनीज को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने का भी फैसला लिया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नागरिक अस्पताल सरकाघाट की क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 बिस्तर की जाएगी। बद्दी अस्पताल को 200 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। मानपुरा और मझेली में नए स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे तथा आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। मंत्रिमंडल ने हिम केयर योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा कवरेज को और मजबूत करने का निर्णय लिया। संशोधित व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को अब 5 लाख रुपये के बजाय 7 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। युवाओं और उद्यमियों के लिए राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चौथे चरण को मंजूरी दी गई। योजना के अंतर्गत ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत और डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मंत्रिमंडल ने चिकित्सा और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, भंडारण और परिवहन को विनियमित करने हेतु एनडीपीएस नियमों में संशोधन को भी मंजूरी प्रदान की। इसके अलावा वन और पशुपालन विभाग की संयुक्त पहल से ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 लागू की जाएगी, जिसके लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा। अग्निकांड प्रभावित परिवारों को राहत देते हुए शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्र के 15 परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें सात लाख रुपये प्रति परिवार की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। बैठक में कई मेलों को राज्य और जिला स्तरीय दर्जा देने, तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति लागू करने, विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण, नए प्रशासनिक पदों के सृजन और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि, शिक्षा और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी तथा आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
