lifestyle Disease Treatment: अब दवाइयों से ज्यादा लाइफस्टाइल में बदलाव पर होगा इलाज, दिल्ली के एलएचएमसी में शुरू हुआ विशेष क्लीनिक

lifestyle Disease Treatment: अब दवाइयों से ज्यादा लाइफस्टाइल में बदलाव पर होगा इलाज, दिल्ली के एलएचएमसी में शुरू हुआ विशेष क्लीनिक

देश में तेजी से बढ़ रही लाइफस्टाइल बीमारियों को देखते हुए अब इलाज का तरीका भी बदलने लगा है। मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और तनाव जैसी समस्याओं के उपचार में अब केवल दवाइयों पर निर्भरता नहीं रहेगी, बल्कि जीवनशैली में सुधार को भी इलाज का अहम हिस्सा बनाया जाएगा। इसी दिशा में राजधानी दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) ने ‘लाइफ स्टाइल मॉडिफिकेशन क्लीनिक’ की शुरुआत की है।

यह विशेष क्लीनिक केंद्र सरकार के अधीन संचालित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और इससे संबद्ध श्रीमती सुचेता कृपलानी अस्पताल तथा कलावती सरन बाल चिकित्सालय में शुरू किया गया है। क्लीनिक प्रत्येक बुधवार दोपहर 2 बजे संचालित होगा, जहां मरीजों को वैज्ञानिक तरीके से बेहतर जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाएगी।

इस पहल की जिम्मेदारी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर ऑफ एक्सीलेंस डॉ. अतुल गोयल को सौंपी गई है। मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनुपम प्रकाश द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार विभिन्न विभागों के डॉक्टर जरूरतमंद मरीजों को इस विशेष क्लीनिक में रेफर कर सकेंगे।

क्लीनिक का मुख्य उद्देश्य केवल बीमारी के लक्षणों का इलाज करना नहीं, बल्कि उन कारणों को खत्म करना है जो बीमारियों की जड़ बनते हैं। इसके तहत मरीजों को संतुलित खान-पान, नियमित व्यायाम, शारीरिक गतिविधि, तनाव प्रबंधन और अच्छी नींद जैसी आदतों को अपनाने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खान-पान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मानसिक तनाव के कारण लाइफस्टाइल बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में केवल दवा लेने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। यदि व्यक्ति अपनी दिनचर्या और आदतों में बदलाव लाता है तो इन बीमारियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार यह क्लीनिक मरीजों को लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीने में मदद करेगा और उन्हें दवाइयों पर अत्यधिक निर्भर होने से भी बचाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे आधुनिक चिकित्सा और स्वस्थ जीवनशैली के बेहतर संयोजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में इस तरह के लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन क्लीनिक अन्य सरकारी अस्पतालों में भी शुरू किए जा सकते हैं, जिससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और गंभीर बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलेगी।

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