Noida Scrap Business नोएडा में कबाड़ कारोबार को नियमित करने की तैयारी, कबाड़ियों का होगा पंजीकरण
नोएडा में कबाड़ कारोबार को व्यवस्थित और नियंत्रित करने के लिए प्राधिकरण ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। शहर में अवैध कबाड़ कारोबार, अतिक्रमण और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से अब कबाड़ियों का पंजीकरण कराया जाएगा। इसके लिए पूरे शहर में सर्वे अभियान चलाने की योजना बनाई गई है।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार शहर की सरकारी जमीनों, डूब क्षेत्रों और खाली भूखंडों पर बड़ी संख्या में अवैध झुग्गियां और अस्थायी कबाड़ केंद्र संचालित हो रहे हैं। कई जगहों पर कबाड़ जमा होने से गंदगी, सुरक्षा संबंधी खतरे और अतिक्रमण की समस्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अब पूरे सिस्टम को नियमित करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।
इंदू प्रकाश ने बताया कि शहर में कई स्थानों पर बिना अनुमति के कबाड़ का अवैध भंडारण किया जा रहा है। इसे देखते हुए प्राधिकरण एक विशेष कमेटी गठित करेगा, जो विभिन्न सेक्टरों और इलाकों में जाकर सर्वे करेगी। इस सर्वे के जरिए वास्तविक कबाड़ कारोबारियों की पहचान कर उनका पूरा डाटा तैयार किया जाएगा।
प्राधिकरण की योजना के तहत पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद केवल रजिस्टर्ड कबाड़ी ही शहर में कबाड़ उठाने और कारोबार करने के पात्र होंगे। बिना पंजीकरण के कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अवैध रूप से कब्जा किए गए स्थानों को खाली कराया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से कबाड़ कारोबार को संगठित किया जा सकेगा और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही सरकारी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण और असुरक्षित गतिविधियों को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।
प्राधिकरण की जांच में यह भी सामने आया है कि कई महंगी और महत्वपूर्ण जमीनों पर झुग्गियां बसाकर लाखों रुपये किराया वसूला जा रहा है। कुछ झुग्गियों में नशे के कारोबार और अन्य आपराधिक गतिविधियों की जानकारी भी मिली है। ऐसे मामलों की भी जांच की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकारी जमीनों पर बनी अवैध झुग्गियों को हटाने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि इस अभियान से शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, अवैध कब्जों पर रोक लगेगी और कबाड़ कारोबार को पारदर्शी तथा नियंत्रित ढांचे में लाया जा सकेगा।





