Thursday, 5 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Hapur News : मावा फैक्ट्री पर खाद्य विभाग का छापा, 3.20 लाख का खोया नष्ट करायाLucknow : इंडी गठबंधन के नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का अभाव- मुख्यमंत्रीGorakhpur : राहुल फुस्स रॉकेट, अखिलेश हार के बहानेबाज- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथLucknow : योगी सरकार की पहल से परिषदीय विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण का पाठLucknow : दीपोत्सव में दिखेगा लोक संस्कृति का महाकुंभLucknow : योगी सरकार 49 संकेतकों के आधार पर कर रही महिला सशक्तीकरण की योजनाओं का जिलावार आकलनLucknow : दिव्यांगजन के हुनर को बाजार और पहचान दिलाएगी योगी सरकार, 5-6 नवंबर को लगेगा ‘दिव्य दीपावली मेला’Ayodhya : दसवें दीपोत्सव में राम की पैड़ी के 56 घाटों पर सजेगी 30 लाख दीपों की आभा

Uttar Pradesh : हापुड़ में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा

Hapur News : हापुड़ की अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट ज्ञानेन्द्र सिंह यादव की अदालत ने पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी कंछी उर्फ कुनाल को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी 17 वर्षीय बेटी के अपहरण और दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। घटना 4 फरवरी 2025 की है जब किशोरी पिलखुवा के एक स्कूल में पढ़ने गई थी। गांव खेड़ा निवासी कंछी उर्फ कुनाल उसे बहला फुसलाकर ले गया था।

परिवार की शिकायत पर पिलखुवा कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। 5 फरवरी को किशोरी घर वापस आ गई लेकिन 8 फरवरी 2025 को जब वह पेपर देने के लिए स्कूल गई तब आरोपी ने फिर से उसका अपहरण कर लिया। परिवार की तलाश के बाद भी किशोरी का पता नहीं चला।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। आरोपी कंछी उर्फ कुनाल को गिरफ्तार कर लिया गया और नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद किया गया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म का चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दिया था।

अदालत ने आरोपी को धारा 137(2) बीएनएस के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न चुकाने पर एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भोगना होगा। इसके अलावा धारा 3/4 (1) पोक्सो एक्ट के तहत आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 15,000 रुपये के अर्थदंड की सजा दी गई है। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।

अभियुक्त द्वारा अदा किए गए कुल 20 हजार रुपये के अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें