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New Delhi : दिल्ली में हीट वेव से निपटने की तैयारी तेज, एक्शन प्लान 2026 को और प्रभावी बनाया गया

New Delhi : राजधानी में बढ़ते तापमान और लू की आशंका को देखते हुए दिल्ली सरकार ने हीट वेव एक्शन प्लान 2026 को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस बार रणनीति को अधिक वैज्ञानिक आधार पर तैयार करते हुए संवेदनशील इलाकों, स्कूली बच्चों, श्रमिकों और पशु-पक्षियों तक राहत पहुंचाने पर विशेष जोर दिया है। हीट वेव प्रभावितों के लिए विशेष टीमें भी तैनात की जा रही हैं।

सरकार ने ‘थर्मल हॉटस्पॉट’ और ‘हीट आइलैंड’ क्षेत्रों की पहचान कर उन पर विशेष निगरानी शुरू की है। पिछले कुछ वर्षों में लगातार लंबे समय तक 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान रहने के ट्रेंड को देखते हुए इस बार सैटेलाइट डेटा के आधार पर संवेदनशील इलाकों का विश्लेषण किया गया है। दक्षिण दिल्ली का आयानगर, पश्चिम दिल्ली का नजफगढ़ और सफदरजंग सहित कई इलाके अत्यधिक तापमान वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। इसके अलावा वजीरपुर, जहांगीरपुरी, ख्याला, शास्त्री पार्क, विश्वास नगर, हरकेश नगर, हरि नगर और दिल्ली गेट जैसे स्थानों को भी थर्मल हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस की उपलब्धता, क्विक रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती और पानी के टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

सरकार ने केवल लोगों ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। पार्कों, बस डिपो और स्कूल परिसरों में पानी की व्यवस्था की जाएगी ताकि भीषण गर्मी में बेजुबान जीवों को राहत मिल सके।

स्कूली बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए आवश्यकता पड़ने पर छुट्टी से पहले ओआरएस का घोल पिलाकर घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बाहरी कार्यों पर रोक लगाई जा सकती है। श्रमिकों को धूप से बचाव के लिए कैप और गमछे उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही प्राथमिक चिकित्सा किट और आइस पैक भी उपलब्ध रहेंगे।

गर्मी के असर को कम करने के लिए ‘कूल रूफ पॉलिसी 2026’ के तहत इमारतों की छतों पर रिफ्लेक्टिव कोटिंग की जा रही है। कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस अड्डे पर इस दिशा में काम पूरा किया जा चुका है। बस स्टॉप पर हाई प्रेशर मिस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे और एंटी-स्मॉग गन के जरिए तापमान कम करने के प्रयास किए जाएंगे।

आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सैकड़ों स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा है और कई अस्पतालों में विशेष कूल रूम तैयार किए गए हैं। नागरिकों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर 1077, 1070 और 112 जारी किए गए हैं। इसके अलावा क्विक रिस्पॉन्स टीमें और आशा कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय किया गया है, जबकि प्रमुख बस स्टॉप और टर्मिनलों पर ठंडे पानी और ओआरएस की व्यवस्था की जाएगी।

बिजली आपूर्ति को लेकर भी सरकार ने व्यापक तैयारी की है। इस बार गर्मी में बिजली की मांग 9,000 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है। बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली कंपनियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों, जल संयंत्रों और मोबाइल टावरों जैसे महत्वपूर्ण स्थलों पर 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किया गया है, साथ ही किसी भी खराबी की स्थिति में त्वरित मरम्मत के लिए अतिरिक्त टीमें और मोबाइल ट्रांसफार्मर तैनात किए जा रहे हैं।

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संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

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