Festival Security Plan: दुर्गा पूजा पंडाल, मूर्ति विसर्जन और रावण दहन के लिए टीमें तैनात
ग्रेटर नोएडा में दुर्गा पूजा पंडालों, मूर्ति विसर्जन और रावण दहन के आयोजनों को देखते हुए प्राधिकरण ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। 18 से 20 अक्टूबर तक होने वाले कार्यक्रमों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों और टीमों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। त्योहारों के समय विभिन्न स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए प्रशासन की ओर से आयोजन क्षेत्रों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के बीच तालमेल बनाए रखने की व्यवस्था की गई है।
प्राधिकरण ने क्षेत्र को आठ जोन में बांटकर व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए टीमें तैनात की हैं। प्रत्येक जोन में संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, ताकि अपने-अपने क्षेत्र में कार्यक्रमों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े मामलों पर ध्यान रखा जा सके। मजिस्ट्रेट और दूसरे विभागों के अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य यह है कि किसी समस्या की सूचना मिलने पर उसके समाधान के लिए जिम्मेदार टीम तक तेजी से पहुंचा जा सके।
मूर्ति विसर्जन और रावण दहन जैसे आयोजनों के दौरान भीड़ तथा यातायात प्रबंधन अहम रहता है। इसी वजह से संबंधित विभागों को आयोजन स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था में सार्वजनिक सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी शामिल है। अलग-अलग स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों के चलते क्षेत्रवार निगरानी से प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में जिम्मेदारी निभाएं और संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखें। प्राधिकरण की ओर से जारी निर्देशों में रवि कुमार एनजी का उल्लेख है। टीमों की तैनाती का मकसद त्योहारों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के साथ संभावित अव्यवस्था को समय रहते संभालना है। किसी भी स्थान पर स्थिति बदलने पर संबंधित अधिकारी समन्वय के साथ कार्रवाई कर सकें, इस पर जोर दिया गया है।
18 से 20 अक्टूबर की अवधि में होने वाले प्रमुख आयोजनों को देखते हुए ये इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन की निगरानी और विभागों के बीच समन्वय से कार्यक्रमों के दौरान लोगों को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की कोशिश है। व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि टीमें अपने क्षेत्रों में कितनी सक्रियता से काम करती हैं और जरूरत के समय संबंधित एजेंसियां कितनी जल्दी तालमेल बनाती हैं।




