Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Mathura : मंदिर आते-आते बहुत देर कर दी, अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर श्रीकांत शर्मा का तीखा हमलाHapur News : हापुड़ में कनाडा से गिफ्ट भेजने के बहाने महिला से हुई बड़ी साइबर ठगी, 14 लाख से अधिक रकम हड़पीLucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमान

उत्तर प्रदेश : प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक बीज नीति तैयार करें- मुख्यमंत्री

Lucknow News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कृषि उत्पादन की वास्तविक शक्ति उच्च गुणवत्ता वाले, भरोसेमंद और प्रमाणित बीजों में निहित है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के लिए नई और आधुनिक ‘बीज नीति’ समय की मांग है। भूमि जोत लगातार घट रही है, ऐसे में ध्यान केवल रकबे पर नहीं, बल्कि प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने पर होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उच्च उपज, रोग-प्रतिरोधी और जलवायु-सहिष्णु किस्मों के विकास को प्राथमिकता देते हुए ऐसी बीज नीति तैयार की जाए जो आने वाले वर्षों की कृषि चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करे।

बीज नीति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अगले पाँच वर्षों के लिए प्रदेश की बीज उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और उपलब्धता को नए स्तर तक ले जाने के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीज उत्पादन, प्रसंस्करण और भंडारण की पूरी प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग आवश्यक है, ताकि प्रमाणित बीज की कमी न हो और किसान सशक्त बन सकें।

मुख्यमंत्री ने भरोसेमंद बीज आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर बीज की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी या अमानक बीजों के प्रति कोई भी ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। किसानों तक पहुँचने वाला हर बीज पैकेट प्रमाणित, परीक्षणित और पूरी तरह मानक होना चाहिए। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों, उपकार तथा निजी बीज उद्योग को एक साझा मंच पर लाकर बीज अनुसंधान, नवाचार और किस्म-रिलीज प्रक्रिया को तेज़ करने की आवश्यकता बताई।

फसल विविधीकरण को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने दलहन, तिलहन, मक्का, बाजरा, ज्वार और बागवानी फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता हेतु विशेष रणनीति तैयार करने को कहा। इसी क्रम में प्रदेश में अगले पांच वर्षों में कम से कम पाँच ‘सीड पार्क’ स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए। ये सीड पार्क उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण और भंडारण की सभी सुविधाओं से सुसज्जित एकीकृत परिसर होंगे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को बीज विकास कार्यक्रमों से सीधे जोड़ा जाए, ताकि अनुसंधान, प्रशिक्षण और खेत-स्तर पर तकनीक के प्रसार के बीच सुदृढ़ समन्वय स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौ क्लाइमेटिक जोन के अनुरूप एक-एक कृषि विज्ञान केंद्र को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाए, जिससे क्षेत्र-विशेष की फसलों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज और तकनीकी समाधान तैयार किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को भी बीज विकास कार्यक्रमों से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय अनुभव और आधुनिक तकनीक का प्रभावी समन्वय बन सके।

मुख्यमंत्री ने कृषि में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक ट्यूबवेलों को सौर ऊर्जीकरण से जोड़ा जाए, जिससे किसानों का सिंचाई खर्च कम हो और कृषि में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़े। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में स्थापित सोलर पैनल इकाइयों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय निर्माण को बढ़ावा मिलने से रोजगार, निवेश और कृषि अवसंरचना को मजबूती मिलेगी।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें