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उत्तर प्रदेश, नोएडा: पैसा वापस या देरी पर ब्याज चाहिए तो भरना होगा फार्म एम

उत्तर प्रदेश, नोएडा: पैसा वापस या देरी पर ब्याज चाहिए तो भरना होगा फार्म एम
उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) में शिकायत दर्ज कराने में घर खरीदार गलती कर रहे हैं। समस्या के हिसाब से आवेदन नहीं कर रहे हैं

अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) में शिकायत दर्ज कराने में घर खरीदार गलती कर रहे हैं। समस्या के हिसाब से आवेदन नहीं कर रहे हैं। जिस पर यूपी रेरा ने एक आदेश जारी कर आवेदन प्रक्रिया को स्पष्ट किया है। अफसरों ने बताया, अगर पैसा वापस या देरी पर ब्याज चाहिए तो फिर खरीदार को फार्म एम भरकर आवेदन करना होगा।

यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि यूपी रेरा ने शिकायत दर्ज कराने के लिए दो फार्म एम और एन निर्धारित किए हुए हैं। इन फार्म को लेकर खरीदारों में भ्रम की स्थिति है। धारा-31 के तहत अगर खरीदारा को शिकायत दर्ज करानी है तो उनको फार्म एम भरना होगा। अगर धन वापस दिलाने, देरी पर ब्याज दिलाने, रजिस्ट्री नहीं होने या कब्जा देने में देरी और बिल्डर-बायर एग्रीमेंट का उल्लंघन है तो फिर खरीदारों को फार्म एम भरना होगा। इस पर यूपी रेरा की पीठ सुनवाई करती है। वहीं, अगर प्रोजेक्ट को ओसी-सीसी नहीं मिला है या मिलने के बाद भी कब्जा देने में देरी, मेंटेनेंस सिस्टम हैंडओवर नहीं करने, ले-आउट में परिवर्तन और जिम, क्लब, स्विमिंग पूल, एसटीपी, फायर सेफ्टी, ड्रेनेज पेयजल, बिजली जैसी समस्याएं है तो एओए फॉर्म एम से शिकायत करेंगी। इन मामलों में शिकायतकर्ता रिफंड या देरी पर ब्याज की मांग कर सकते है। इनकी सुनवाई भी पीठ करती है। वहीं अगर खरीदार क्षतिपूर्ति की मांग करता है तो फिर उनको फार्म एन भरना होगा। जिस पर न्याय निर्णायक अधिकारी सुनवाई करेंगे। यह यूपी रेरा अधिनियम की धारा-12, 14, 18 और 19 के तहत आता है। इनमें बिल्डर के गलत या भ्रमक जानकारी देना, स्वीकृत नक्शे का पालन नहीं करना, कब्जा नहीं देने से होने वाले नुकसान की भरपाई और अलॉटी के अधिकारों व कर्तव्यों का उल्लंघन शामिल है।

यूपी रेरा के वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फार्म डाउनलोड कर शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसका शुल्क एक हजार रुपये तय है। शिकायत दर्ज करने के समय खरीदारों को शिकायत के स्वरूप और आवेदन फार्म को समझना होगा। सहीं फार्म भरना होगा। ताकि समय से उनका निस्तारण हो सके।

संजय भूसरेड्डी, चेयरमैन यूपी रेरा

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