अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा। ग्रेटर नोएडा मंगलवार को एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर रहा। साथ ही, देश में छठे नंबर पर दर्ज किया गया जबकि नोएडा आठवें स्थान पर रहा। ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रेड जोन के करीब 296 तक पहुंच गया। सुबह से ही बादलों के साथ स्मॉग छाया रहा। धूप कुछ ही देर तक ही निकली। स्मॉग के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। साथ ही, आंखों में जलन महसूस हुई। छठ व्रतियों को भी दिक्कत का सामना करना पडा।
दिवाली के बाद से ग्रेनो की हवा खराब श्रेणी में चल रही है। पांच दिनों से ग्रेनो में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। नोएडा के साथ-साथ ग्रेनो में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि शहर की हवा दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है लेकिन प्राधिकरण और यूपीपीसीबी के अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। सड़कों पर धूल उड़ रही है। सड़कें टूटी हैं। जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है। इधर, ग्रेनो में दो वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशन हैं। एक ग्रेनो वेस्ट के नॉलेज पार्क-5 में बालक इंटर कॉलेज और दूसरा नॉलेज पार्क-3 स्थित शारदा विश्वविद्यालय में लगा हुआ है। मंगलवार को ग्रेनो वेस्ट से ज्यादा प्रदूषण ग्रेनो में रहा। शाम को चार बजे ग्रेनो वेस्ट का एक्यूआई 280 रहा लेकिन तब ग्रेनो का एक्यूआई 311 दर्ज किया गया।
28 अक्तूबर को एनसीआर का हाल
शहर एक्यूआई
ग्रेटर नोएडा 296
दिल्ली 294
नोएडा 290
गाजियाबाद 238
गुरुग्राम 177
फरीदाबाद 167
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