उत्तर प्रदेश, नोएडा: प्राधिकरण ने 84 गांवों की जमीन अधिग्रहण को लेकर की बैठक, लैंड बैंक का होगा विस्तार

अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा। नोएडा के नए सेक्टर और न्यू नोएडा (DNGIR) के तहत जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर अहम कदम उठाए जा रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण में गुरुवार को एक ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई, जिसमें न्यू नोएडा के विकास की रूपरेखा पर गहन विचार-विमर्श किया गया। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO Noida Authority) की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों और बुलंदशहर के जिलाधिकारी ने भाग लिया। इस पहल से न केवल नोएडा का विस्तार होगा, बल्कि नए औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों का विकास भी संभव होगा।

बताया जा रहा है कि बैठक में न्यू नोएडा के पहले चरण के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रमुख निर्णयों में अधिसूचित ग्रामों का चयन, अवैध निर्माण पर रोक और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शामिल है। विशेष रूप से Unauthorized construction को रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया।प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहण के लिए दो विकल्पों पर विचार किया गया, जिसमे सीधा अधिग्रहण या आपसी समझौते के माध्यम से लैंड परचेस। इसके लिए उचित प्रतिकर दरों के निर्धारण की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। विकास कार्यों की योजना को भी बैठक में प्राथमिकता दी गई।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय :
– न्यू नोएडा के प्रथम चरण के लिए ग्रामों का चयन
– अवैध और अनधिकृत निर्माण पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम
– चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश
– भूमि अधिग्रहण और आपसी समझौते की प्रक्रिया पर चर्चा
– प्रतिकर दरों के निर्धारण की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श

चार चरण में विकास
नए नोएडा का विकास गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 84 गांवों में किया जाएगा। यह विकास कार्य चार चरणों में वर्ष 2041 तक पूरा किया जाना है। प्रथम चरण में 2027 तक 3,165 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाएगा। द्वितीय चरण में 2032 तक 3,798 हेक्टेयर, तृतीय चरण में 2037 तक 5,908 हेक्टेयर और अंतिम चरण में 2041 तक 8,230 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाएगा।

6 लाख आबादी के अनुसार विकसित होंगी सुविधाएं
209.11 वर्ग किलोमीटर में बसाए जाने वाले न्यू नोएडा में बुलंदशहर के 60 और गौतमबुद्ध नगर के 20 गांव शामिल किए गए हैं। इस नए शहर की अनुमानित आबादी 6 लाख मानी जा रही है। इस शहर में रेजिडेंशियल यूज के लिए 2810.54 हेक्टेयर जमीन, ग्रीनरी और पार्कों के लिए 1792.26 हेक्टेयर जमीन, ट्रांसपोर्टेशन के लिए 2963.61 हेक्टेयर जमीन और इंडस्ट्री के लिए 8440 हेक्टेयर जमीन के साथ ही 849.97 हेक्टयर जमीन कॉमर्शियल यूज के लिए निर्धारित की गई है।

यह लोग हुए शामिल
बैठक में प्रमुख रूप से संजय कुमार खत्री और वंदना त्रिपाठी (अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी), महेंद्र प्रसाद और सतीश पाल (विशेष कार्याधिकारी), रविंद्र प्रसाद गुप्ता (मुख्य विधि सलाहकार), और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम में आवासीय खेल क्रीड़ा छात्रावास बनाया जाएगा
गाजियाबाद। महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम में आवासीय खेल क्रीड़ा छात्रावास बनेगा। जिला खेल विभाग ने 100 बेड का आवासीय खेल छात्रावास स्टेडियम में बनाने का प्रस्ताव शासन के पास भेजा था, जिसे स्वीकृति मिली गई है। छात्रावास बन जाने के बाद यहां पर खिलाड़ियों के लिए रहने एवं खाने की बेहतर सुविधाएं होंगी। इससे खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ेगा।

जिले में करीब 12 एकड़ में महामाया स्टेडियम बना हुआ है।स्टेडियम में फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट एवं कई खेलों के मैदान बने हुए हैं। जहां रोज़ाना बड़ी संख्या में खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं। इनमें कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो मेरठ, हापुड़ जनपद से यहां अपने खेल का अभ्यास करने के लिए रोज़ाना आते हैं।जिला खेल विभाग ने स्टेडियम में खेल सुविधाओं में बढ़ोतरी करने को लेकर महामाया स्टेडियम में 100 बेड का आवासीय खेल क्रीड़ा छात्रावास बनाने का एक प्रस्ताव शासन के पास भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है। जिला उप खेल क्रीड़ाधिकारी पूनम बिश्नोई ने बताया कि स्टेडियम परिसर में इसकी जगह चिन्हित की जा चुकी है। उम्मीद है कि आने वाले समय में जल्द इसका कार्य शुरू होगा। आवासीय खेल क्रीड़ा छात्रावास बनने के बाद इसका सबसे ज्यादा लाभ उन्हें मिलेगा जो अन्य जिलों से प्रशिक्षण लेने के लिए रोज़ाना स्टेडियम आते हैं। ऐसे खिलाड़ी आवासीय खेल क्रीड़ा छात्रावास में रहने के लिए आवासीय छात्रावास के लिए आयोजित ट्रायल में भाग लेकर इसमें सफल होकर अपनी जगह सुनिश्चित कर सकेंगे। आवासीय खेल छात्रावास में सभी खिलाड़ियों के लिए सभी प्रकार की बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। रहने से लेकर खाने पीने की सुविधाएं इसमें होंगी।इस आवासीय छात्रावास में फुटबॉल, हॉकी, जूडो, बॉक्सिंग, बैडमिंटन आदि के खिलाड़ी रह सकते हैं।छात्रावास में पढ़ाई और प्रशिक्षण के व्यापक इंतजाम होंगे ताकि खिलाड़ी अपनी शिक्षा और खेल के बीच संतुलन बनाए रखें। इस आवासीय छात्रावास में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच की नियुक्ति की जाएगी। ताकि यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को अपने खेल में निखार लाने में मदद मिल सके। छात्रावास के निर्माण होने के बाद अन्य जिलों एवं राज्यों के कई खिलाड़ी महामाया स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने के लिए अपनी रुचि दिखाएंगे।

जूडो हॉल के शुरू होने से तेज़ी से अभ्यास करने वालों की संख्या बढ़ेगी-

जिला उप खेल क्रीड़ाधिकारी पूनम बिश्नोई ने बताया कि महामाया स्टेडियम में बन रहा अंतरराष्ट्रीय स्तर का जूडो हॉल जल्द शुरू होने पर है। इसमें कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो जिले से बाहर के हैं और यहां अभ्यास करने आते हैं।अंतरराष्ट्रीय जूडो हॉल शुरू हो जाने के बाद यहां इस खेल से जुड़े कई और प्रतिभाशाली जूडो खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए आ सकते हैं।ऐसे खिलाड़ियों को आवासीय खेल क्रीड़ा छात्रावास की सुविधा होने के बाद काफी लाभ होगा।वे यहां खेल छात्रावास रहकर जूडो का प्रशिक्षण ले सकेंगे।

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