Sunday, 8 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : योगी सरकार का राज्य कर्मचारियों को दीपावली का तोहफा, महंगाई भत्ता 58 से बढ़ाकर 63 प्रतिशत कियाLucknow : सीएम योगी के नेतृत्व में सौर क्रांति की ओर उत्तर प्रदेश, पीएम सूर्य घर योजना में देश में पहले नंबर परAyodhya : देश में श्रीराम के आचरण को जी रहे दो योगी, एक ‘कर्मयोगी’ मोदी और दूसरे सीएम योगी- सी.पी. राधाकृष्णनAyodhya : पुष्पक विमान से उतरे प्रभु श्रीराम, सीएम योगी ने माला पहनाकर किया स्वागतAyodhya : रामभक्तों पर गोली चलाने और संतों का अपमान करने वाले अयोध्या आएं तो माफी मांगकर आएं- मुख्यमंत्रीAyodhya : राम भारत की आत्मा और राष्ट्रीय चेतना के आधार, दीपोत्सव भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का वैश्विक उत्सव- राज्यपालAyodhya : योगी सरकार में संभव हुआ मां कौशल्या की पहली शोभायात्रा का आयोजनAyodhya : श्रीरामजन्मभूमि मंदिर संपूर्ण हिंदू स्वाभिमान का स्मारक- उपराष्ट्रपति

उत्तर प्रदेश, नोएडा: 24 करोड़ की ठगी के आरोपी की जमानत खारिज

उत्तर प्रदेश, नोएडा: 24 करोड़ की ठगी के आरोपी की जमानत खारिज
सत्र न्यायालय ने जेवर में एयरपोर्ट के समीप जमीन दिलाने के नाम पर 24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी की जमानत खारिज की है।

अमर सैनी
उत्तर प्रदेश, नोएडा।सत्र न्यायालय ने जेवर में एयरपोर्ट के समीप जमीन दिलाने के नाम पर 24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी की जमानत खारिज की है। पीड़ित गौरव शर्मा ने थाना सेक्टर-63 नोएडा में वर्ष 2023 में एफआईआर दर्ज कराई थी जिसमें 16 नामजद और कुछ अज्ञात पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने व जालसाजी के आरोप लगाए थे।
पीड़ित का आरोप है कि जालसाजों ने खुद को जमींदार और रसूखदार बताकर-2022 में उसे व अन्य निवेशकों को 100 से 200 बीघा जमीन का सौदा कराया था। पीड़ित ने 24 करोड़ रुपये का निवेश किया था। मार्च से जुलाई 2022 के बीच करीब 24 बैनामे पंजीकृत कराए गए थे जिनमें बाद में जालसाजी और फर्जीवाड़े के सबूत सामने आए। जमीन असल में अस्तित्व में ही नहीं थी और राजस्व अभिलेख, टाइटल व अन्य दस्तावेज भी नकली साबित हुए।

पुलिस जांच में सामने आया कि सचिन भाटी और रविन्द्र शर्मा ने ही प्रमुख रूप से इन सौदों के लिए पैसे लिए और रसीदें व्हाट्सएप पर भेजीं। रविन्द्र शर्मा की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि एफआईआर लगभग दो वर्ष बाद दर्ज कराई गई जिसकी कोई ठोस वजह नहीं बताई गई। आरोपी न तो विक्रेता था न गवाह और न उसने कोई आर्थिक लाभ उठाया। मामला असल में सिविल प्रकृति का है। आरोपी को झूठा फंसाया गया है। वहीं अभियोजन ने कहा कि आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की। उन्होंने पीड़ित को ऐसी जमीन का सौदा कराया जो असल में उपलब्ध नहीं थी। आरोपी की भूमिका इस धोखाध़ड़ी में मुख्य आरोपियों के समान है जिनकी जमानत पहले जमानत खारिज हो चुकी है। वहीं, अदालत ने पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी की जमानत खारिज की है।

‘कोटा फैक्ट्री’ सीजन 3: जितेंद्र कुमार की दमदार ड्रामा नेटफ्लिक्स पर आएगी, रिलीज डेट सामने आई

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

संवाददाता

Editor

संबंधित खबरें