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उत्तर प्रदेश : राष्ट्रपति के आगमन से पहले मथुरा-वृंदावन में बंदरों का आतंक

Mathura News (सौरभ) : मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से पहले बंदरों का आतंक स्थानीय लोगों और भक्तों के लिए एक बड़ी चिंता बन गया है। मंदिरों और गलियों में बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके हिंसक व्यवहार से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

लंगूरों की तैनाती का पुराना अनुभव

यह पहली बार नहीं है जब बंदरों के उत्पात को लेकर प्रशासन को कदम उठाने पड़ रहे हैं। पूर्व में, जब अन्य राष्ट्रपति या विशिष्ट अतिथि वृंदावन आए थे, तब बंदरों को भगाने के लिए लंगूरों की तैनाती की गई थी। लंगूरों की मौजूदगी से बंदर उस क्षेत्र से दूर रहते हैं, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित हो पाती है।

नगर निगम का अभियान

स्थानीय प्रशासन, खासकर नगर निगम, इस समस्या से निपटने के लिए सक्रिय है। नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत, पिंजरों की मदद से बंदरों को पकड़ा जा रहा है ताकि राष्ट्रपति के आगमन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

क्यों है यह समस्या?

वृंदावन में बंदरों का आतंक कोई नया नहीं है। वे अक्सर भक्तों के हाथ से प्रसाद, चश्मे, मोबाइल फोन और अन्य सामान छीन लेते हैं, जिससे लोग भयभीत रहते हैं। राष्ट्रपति जैसे अति-विशिष्ट व्यक्ति के आगमन पर, सुरक्षा का जोखिम और भी बढ़ जाता है।

राष्ट्रपति का आगमन और प्रशासन की चुनौती

राष्ट्रपति मुर्मू का आगमन 25 सितंबर को निर्धारित है, 23 सितंबर नहीं। प्रशासन को इस समस्या का हल निकालना होगा ताकि उनका दौरा सुरक्षित और सुखद रहे।

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संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

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