उत्तर प्रदेश, महाकुम्भनगर: महाकुम्भ में संगम की रेत पर बहेगी न्याय की गंगा

उत्तर प्रदेश, महाकुम्भनगर,11 जनवरी : महाकुम्भ इस बार न सिर्फ अध्यात्म और आस्था का केंद्र बनेगा बल्कि न्याय, पारदर्शिता और अधिकारों के प्रति जागरूकता का भी संदेश देगा। महाकुम्भनगर में न्यायाधीश कॉलोनी के साथ लोकायुक्त, सूचना आयुक्त के कॉटेज सहित बार काउंसिल के लिए भी सेटअप तैयार किए जा रहे हैं।
यहां 45 दिनों तक जज, लोकायुक्त, सूचना आयुक्त और वकील सीधे जनता के बीच रहेंगे। साथ ही उन्हें न्याय, सूचना के अधिकार से जुड़े हर पहलू की जानकारी देंगे।

सेक्टर-23 में बने 150 से ज्यादा कॉटेज
यहां महाकुम्भनगर के सेक्टर-23 स्थित न्यायाधीश कॉलोनी का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण कर चुके हैं। यहां सेक्टर-23 और किला घाट के पास दो जगहों पर 150 से अधिक कॉटेज बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर महाकुम्भनगर के जिम्मेदार सभी तैयारियां पूरी करने में युद्धस्तर पर जुटे हैं।

जागरूकता का महाकुम्भ
महाकुम्भनगर के सेक्टर-23 स्थित न्यायाधीश कॉलोनी का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव को यादगार बनाने के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि महाकुम्भनगर में श्रद्धालु सिर्फ आध्यात्मिक अनुभव ही नहीं बल्कि अपने अधिकारों और न्याय पाने के डिजिटल उपकरणों के बारे में भी सीखें। यह महाकुम्भ सिर्फ संगम का मेला नहीं बल्कि समाज को जागरूक करने का अवसर है।

निःशुल्क विधिक सहायता केंद्र और आरटीआई शिविर
महाकुम्भ में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क विधिक सहायता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सेक्टर-4 में खोया-पाया केंद्र के पास एक शिविर शुरू किया है। इसमें वकील कानूनी सहायता देने के साथ जनता को जागरूक भी करेंगे।

भ्रष्टाचार पर प्रहार
उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र सिंह वत्स ने बताया कि महाकुम्भ में आकर श्रद्धालु सूचना के अधिकार का कैसे उपयोग करना है, यह सीख सकते हैं। सूचना आयुक्त कार्यालय का उद्देश्य जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही को मजबूत करना है।

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