उत्तर प्रदेश, लखनऊ: रुद्र बिलासपुर की चीनी मिल का किया जा रहा है तकनीकी अपग्रेड

उत्तर प्रदेश, लखनऊ, 04 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था का तीव्र विकास हो रहा है। एक ओर जहां प्रदेश गन्ना उत्पादन में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है वहीं दूसरी ओर चीनी उत्पादन को भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है। इस दिशाक्रम में उत्तर प्रदेश चीनी मिल संघ गजरौला, बागपत, मोरना और सेमीखेड़ा की चीनी मिलों का क्षमता विस्तार किया जा रहा है। साथ ही रुद्र बिलासपुर की चीनी मिल का तकनीकि उन्नयन के लिये भी डीपीआर प्रेषित किया जा चुका है। चीनी मिल संघ, चीनी मिलों की कार्यक्षमता विस्तार के लिये 1967 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। साथ ही चीनी मिलों के कार्यों का प्रभावी नियंत्रण करने के लिए आईटी इंटरवेंशन का उपयोग किया जाएगा।

1967 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा चीनी मिलों का क्षमता विस्तार
प्रदेश में चीनी उत्पादन में बढ़ोत्तरी के लिए चीनी मिल संघ वर्तमान में अपनी संचालित चीनी मिलों का तकनीकि उन्नय, प्रभावी नियंत्रण के साथ क्षमता विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए 1967 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। इस क्रम में गजरौला और बागपत की चीनी मिल की क्षमता 2500 टीसीडी से बढ़ाकर 4900 टीसीडी किया जा रहा है। इसके लिए क्रमशः 545.52 और 570 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।

इसी क्रम में मोरना की चीनी मिल का पहले चरण में 2500 से 3500 टीसीडी क्षमता विस्तार किया जा रहा है। जबकि द्वितीय चरण में क्षमता 5000 टीसीडी किये जाने का डीपीआर 30 अप्रैल तक प्रेषित किया जा रहा है। वहीं सेमीखेड़ा की चीनी मिल की क्षमता का विस्तार भी 2750 टीसीडी से 3500 टीसीडी किया जाना है।

रुद्र बिलासपुर की चीनी मिल का होगा तकनीकि अपग्रेडेशन
चीनी मिल संघ 75 करोड़ रुपये की लागत से रुद्र बिलासपुर की चीनी मिल का तकनीकि अपग्रेडेशन किया जा रहा है। साथ ही मिल संघ चीनी मिलों का प्रभावी नियंत्रण करने और कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए आईटी इंटरवेंशन का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत इंवेट्री मैनेजमेंट और प्रोक्योरमेंट का डिजीटलाइजेशन किया जा रहा है। साथ ही मोलासेस विक्रय और गन्ने के व्यवस्था के लिए आनलाइन सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। गन्ना परिवहन वाहन पर जीपीएस मॉनिटरिंग अपरेटस लगाये जाएगें।

साथ ही शुगर बैग के लिये ऑन लाइन बैग वेमेंट सिस्टम और केन वेमेंट के लिए एआई बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जा रहा है। चीनी मिलों की स्टॉपेज पर काउंटर लगाये जा रहे हैं। आईटी बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से चीनी मिलों में होने वाले भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से रोक लगा कर उत्पादन क्षमता और लाभ को बढ़ाना सुनिश्चित किया जा रहा है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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