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उत्तर प्रदेश : वृंदावन में हरियाली तीज, स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजे बांकेबिहारी, भक्तों ने किए दर्शन

Mathura News : (सौरभ) वृंदावन के जग प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शनिवार को हरियाली तीज का पावन पर्व हर साल की तरह इस बार भी बड़े हर्षोल्लास के साथ हिंडोला उत्सव के रूप में मनाया गया. इस अवसर पर भक्तों ने स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजमान ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस किया।

हरियाली तीज का उत्सव और परंपरा

वैसे तो हरियाली तीज पर ब्रज के सभी प्रमुख मंदिरों में झूलनोत्सव के अंतर्गत झूले सजाए जाते हैं और ठाकुरजी को झूला झुलाकर प्राचीन परंपरा निभाई जाती है. लेकिन ब्रज में हरियाली तीज पर्व की विशेष धूम जग प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर में देखने को मिला। सुबह ठाकुर बांकेबिहारी लाल को मंदिर के गर्भ-गृह से बाहर निकालकर करीब 32 फुट चौड़े और 12 फुट ऊँचे विशाल स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजमान कराया गया। उनके दोनों ओर खड़ी सखियां प्रतीकात्मक रूप में उन्हें झूला झुला रही थीं।

मंदिर की भव्य सजावट और ठाकुरजी का श्रृंगार

हरियाली तीज के मौके पर हरे रंग के महत्व को देखते हुए ठाकुरजी और सखियों को हरे रंग की विशेष पोशाक पहनाई गई. मंदिर में सावन का अनुभव कराने के लिए सावन के सभी रंगों से सजावट की गई थी. ठाकुरजी को इस पर्व की विशेष मिठाई घेवर-फैनी का भोग भी लगाया गया। मंदिर के पीछे ठाकुरजी की थकान मिटाने यानी विश्राम के लिए सुख सेज भी सजाई गई. प्राचीन मान्यता के अनुसार, मंदिर बंद होने के बाद ठाकुरजी को यहां विश्राम कराया जाता है. मंदिर के आंतरिक परिसर में हिंडोले की तैयारियां पूरी होने के बाद सुबह 7:30 बजे दर्शनार्थियों के लिए पट खोल दिए गए।

भक्तों का उत्साह और आनंद

इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे देश-विदेश के श्रद्धालु भक्त उत्साह और उमंग के साथ मंदिर में प्रवेश करने लगे. जब भक्तों ने अपने आराध्य को स्वर्ण-रजत और बेशकीमती हिंडोले में झूलते हुए देखा, तो उनके आनंद का ठिकाना नहीं रहा और वे खुद को धन्य महसूस करने लगे। मंदिर परिसर की भव्य सजावट के साथ ही ठाकुरजी की हरे रंग की पोशाक और स्वर्ण-रजत के आकर्षक श्रृंगार ने भक्तों के मन को मोह लिया। आनंद से सराबोर भक्तजन “जय-जय” करते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त करने लगे और पूरा मंदिर परिसर बांकेबिहारी लाल के जयकारों से गूंज उठा।

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संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

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