UP Rajya Sabha Election: तीसरी सीट के लिए अखिलेश का सियासी गणित, बोले- बागी विधायक लौटना चाहते हैं

UP Rajya Sabha Election: तीसरी सीट के लिए अखिलेश का सियासी गणित, बोले- बागी विधायक लौटना चाहते हैं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने तीसरी सीट जीतने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि पार्टी जल्द ही तीसरे प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगी और उससे पहले विधायकों के संख्या बल का गणित बैठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सपा से अलग होकर दूसरे खेमे में गए कुछ विधायक दोबारा पार्टी में लौटना चाहते हैं।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होना है। मौजूदा विधानसभा संख्या बल के हिसाब से भाजपा नीत गठबंधन आठ सीटें जीतने की स्थिति में बताया जा रहा है, जबकि सपा कांग्रेस के समर्थन से दो सीटें हासिल कर सकती है। सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज पारिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है और तीसरे उम्मीदवार के नाम पर अभी रणनीति तैयार की जा रही है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि मतदान 16 अक्टूबर को होना है।

अखिलेश यादव ने तीसरे प्रत्याशी को लेकर कहा कि नाम जल्द घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी पहले पूरा गणित बैठाएगी और इसके बाद प्रत्याशी का नाम सामने आएगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा के भी कई लोग सपा के संपर्क में हैं। हालांकि, यह दावे राजनीतिक नेताओं के बयान हैं और संबंधित विधायकों की ओर से सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

सपा की रणनीति में उन विधायकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिन्होंने पिछले राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन से अलग मतदान किया था। कुछ राजनीतिक विश्लेषणों में सपा के पुराने बागी विधायकों के संभावित रुख और उनके दोबारा सपा के साथ आने की संभावना पर चर्चा की गई है। अखिलेश यादव ने भी कहा है कि उनके कुछ पुराने साथी वापस आना चाहते हैं।

राज्यसभा चुनाव के गणित में प्रथम वरीयता के वोटों की संख्या महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध विधानसभा संख्या बल और संभावित सहयोगियों को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग गणनाएं सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में एक सीट के लिए 37 प्रथम वरीयता वोटों का आंकड़ा बताया गया है, जबकि अन्य गणनाओं में खाली सीटों और मौजूदा विधायकों की स्थिति को अलग तरीके से जोड़ा गया है। इसलिए अंतिम गणित प्रत्याशियों की संख्या, वैध मत और मतदान के समय वास्तविक संख्या बल पर निर्भर करेगा।

सपा की तीसरी सीट की कोशिश के बीच भाजपा की ओर से भी विपक्षी खेमे के उन विधायकों पर नजर होने की रिपोर्टें सामने आई हैं, जिन्होंने पहले पार्टी लाइन से अलग मतदान किया था। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा आठ सीटों के बाद नौवीं सीट के लिए भी संभावनाएं तलाश रही है और इसके लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी।

ऐसे में उत्तर प्रदेश का आगामी राज्यसभा चुनाव संख्या बल के साथ-साथ दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमों की रणनीति और संभावित क्रॉस-वोटिंग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, किस पार्टी के कितने विधायक अंतिम समय में किस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे, यह मतदान के दौरान ही स्पष्ट होगा।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 6 अक्टूबर तक चलेगी। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन मतगणना की जाएगी।

 

Hot this week

Lucknow : यूपी में ‘रूल ऑफ माफिया’ मिटाकर स्थापित किया ‘रूल ऑफ लॉ’- मुख्यमंत्री

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर...

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img