UP Trade Show: अनिल राजभर बोले- सिंगल विंडो एक्ट से उद्यमियों को विभागों के चक्कर से मिलेगी राहत
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में सरकार सिंगल विंडो व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी कर रही है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान आयोजित एक सत्र में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि उद्यमियों को अलग-अलग विभागों की अनुमति और प्रक्रियाओं के लिए बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सरकार सिंगल विंडो प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अधिनियम लाने की तैयारी कर रही है।
इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित सत्र के दौरान अनिल राजभर ने कहा कि उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना कारोबार की सुगमता से सीधे जुड़ा विषय है। उनके अनुसार सरकार का प्रयास है कि उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को विभिन्न विभागों में अलग-अलग स्तर पर होने वाली प्रक्रियाओं और व्यावहारिक दिक्कतों का सामना कम करना पड़े। प्रस्तावित कानून के जरिए उद्योगों से जुड़ी अनुमतियों और संबंधित प्रक्रियाओं को एकीकृत व्यवस्था के माध्यम से पूरा करने पर जोर रहेगा।
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों के कल्याण को भी आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करना है जिसमें निवेशकों को कारोबार शुरू करने और उसका संचालन करने में आसानी हो और दूसरी ओर श्रमिकों को भी बेहतर सुविधाएं एवं अधिकार मिल सकें।
अनिल राजभर ने कहा कि सिंगल विंडो व्यवस्था के लिए अधिनियम आने से उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलने की उम्मीद है। इससे उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है और विभिन्न स्वीकृतियों के लिए लगने वाला समय भी कम करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में मंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि आजादी से वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में जितने कारखाने पंजीकृत हुए थे, उनकी तुलना में वर्ष 2017 के बाद से अब तक दोगुने से अधिक कारखानों का पंजीकरण हो चुका है। उन्होंने इसे राज्य में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और निवेश से जोड़कर प्रस्तुत किया।
मंत्री के मुताबिक, उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि यदि निवेशकों को भूमि, अनुमति, पंजीकरण और अन्य प्रक्रियाओं में स्पष्ट एवं समयबद्ध व्यवस्था मिले तो नए उद्योग लगाने का निर्णय लेना आसान होता है।
सरकार की ओर से उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ रोजगार सृजन पर भी जोर दिया जा रहा है। अनिल राजभर ने कहा कि नए औद्योगिक निवेश के साथ प्रदेश में उत्पादन क्षमता बढ़ने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। उन्होंने औद्योगिक विस्तार को श्रमिकों के हितों से जोड़ते हुए संतुलित विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही उद्योगों के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो प्रणाली संचालित करती है, जिसके जरिए विभिन्न विभागों की सेवाओं और स्वीकृतियों को एक मंच पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। ट्रेड शो में मंत्री का बयान इस मौजूदा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और कानूनी आधार देने की दिशा में प्रस्तावित कदम की ओर संकेत करता है।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों, उत्पादों और सेवाओं को घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय कारोबारियों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य व्यापार, निवेश और खरीददारों के बीच संपर्क को बढ़ाना भी है।
औद्योगिक विकास के संदर्भ में सिंगल विंडो एक्ट को महत्वपूर्ण प्रस्ताव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि किसी भी उद्योग की स्थापना के दौरान अलग-अलग विभागों से जुड़े कई स्तर के अनुमोदन और औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य इन प्रक्रियाओं को एकीकृत और अधिक सुगम बनाना बताया गया है।
मंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों के विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण को भी समान महत्व दे रही है। उनके अनुसार औद्योगिक विस्तार तभी व्यापक रूप से लाभकारी होगा, जब निवेश के साथ रोजगार और श्रमिकों से जुड़ी सुविधाओं में भी सुधार हो।
फिलहाल प्रस्तावित सिंगल विंडो एक्ट को लेकर विस्तृत प्रावधान और इसकी समयसीमा सामने आना बाकी है। सरकार की ओर से कानून लाए जाने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इसमें किन विभागों की सेवाओं को शामिल किया जाएगा, मंजूरियों की समयसीमा क्या होगी और विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाएगी।


