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Noida Traffic: नोएडा में AI बताएगा कहां और कब लगता है जाम, Google Maps से जुड़ेगा सिस्टम

Noida Traffic: नोएडा में AI बताएगा कहां और कब लगता है जाम, Google Maps से जुड़ेगा सिस्टम

नोएडा। शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए प्रस्तावित AI आधारित सॉफ्टवेयर को Google Maps से जोड़ने की योजना है। इसके जरिए किसी इलाके की मौजूदा ट्रैफिक स्थिति की जानकारी मिलने के साथ-साथ पुराने ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण कर यह भी पता लगाया जा सकेगा कि किस सड़क या स्थान पर किस समय नियमित रूप से जाम लगता है और उसकी अवधि कितनी रहती है।

प्रस्तावित सिस्टम के जरिए अलग-अलग सड़कों और स्थानों पर वाहनों की आवाजाही से जुड़े डेटा का विश्लेषण किया जाएगा। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि दिन के किस समय किसी सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ता है, जाम कितनी देर तक रहता है और किन परिस्थितियों में ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित होती है। इस डेटा के आधार पर भविष्य में संबंधित सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव की योजना बनाई जा सकेगी।

AI के जरिए तैयार होने वाले ट्रैफिक पैटर्न से अधिकारियों को यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किसी विशेष स्थान पर ट्रैफिक डायवर्जन की जरूरत है या नहीं। इसके अलावा सड़क की क्षमता बढ़ाने, सिग्नल टाइमिंग में बदलाव करने, ट्रैफिक संचालन में सुधार करने या अन्य ट्रैफिक मैनेजमेंट उपाय लागू करने से जुड़े फैसलों के लिए भी डेटा का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

प्रस्तावित सिस्टम की एक खास बात यह बताई जा रही है कि इसके लिए शहर में हर जगह नए कैमरे लगाने या नई फाइबर ऑप्टिकल लाइन बिछाने की आवश्यकता नहीं होगी। जिन स्थानों पर पहले से ट्रैफिक कैमरे लगे हुए हैं, वहां उपलब्ध कैमरा फीड का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे नए इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च और सिस्टम स्थापित करने में लगने वाले समय को कम करने की कोशिश की जाएगी।

प्रस्ताव के मुताबिक, कुछ स्थानों पर Google Maps और सैटेलाइट आधारित डेटा का इस्तेमाल करके भी ट्रैफिक से संबंधित जानकारी जुटाई जा सकती है। इस तरह अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाले डेटा को एक साथ लेकर AI के जरिए उसका विश्लेषण करने की योजना है।

नोएडा में फिलहाल इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के जरिए ट्रैफिक की निगरानी की जा रही है। मौजूदा व्यवस्था में GPS और Google Maps की मदद से रियल टाइम ट्रैफिक तथा जाम से जुड़ी जानकारी हासिल की जाती है। इससे अधिकारियों को तत्काल ट्रैफिक की स्थिति समझने में मदद मिलती है।

हालांकि, मौजूदा व्यवस्था में लंबे समय के ट्रैफिक डेटा को व्यवस्थित तरीके से इस्तेमाल करने की गुंजाइश बताई जा रही है। कैमरों की फीड को स्टोर किया जा सकता है, लेकिन लंबे समय के ट्रैफिक पैटर्न को लगातार रिकॉर्ड कर उसका विश्लेषण करने की व्यवस्था अभी प्रस्तावित AI सिस्टम की तरह नहीं है। ऐसे में नया सिस्टम रियल टाइम जानकारी के साथ पुराने डेटा के विश्लेषण पर भी फोकस करेगा।

अब प्रस्तावित AI सिस्टम को मौजूदा ITMS के साथ जोड़कर संचालित करने की तैयारी की जा रही है। इससे एक ओर वर्तमान समय की ट्रैफिक स्थिति की निगरानी जारी रहेगी, वहीं दूसरी ओर पुराने डेटा के आधार पर यह समझने में मदद मिलेगी कि शहर के किन इलाकों में किस समय और किस तरह का ट्रैफिक दबाव बनता है।

इस प्रस्ताव का प्रेजेंटेशन नोएडा प्राधिकरण के सामने किया जा चुका है। फिलहाल अधिकारी स्तर पर योजना पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसके लिए RFP यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी किया जाएगा। इसके बाद सिस्टम को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि योजना लागू होती है तो ट्रैफिक प्रबंधन में केवल मौजूदा स्थिति पर निर्भर रहने के बजाय पुराने और वर्तमान डेटा के आधार पर जाम के पैटर्न को समझने और समाधान तैयार करने में मदद मिल सकती है।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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