Himachal Pradesh: कोटला कलां में धार्मिक महासम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री सुक्खू, कर्मयोग की भावना से जनसेवा का संकल्प दोहराया

Himachal Pradesh: कोटला कलां में धार्मिक महासम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री सुक्खू, कर्मयोग की भावना से जनसेवा का संकल्प दोहराया

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ऊना जिले के कोटला कलां स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर समिति द्वारा आयोजित वार्षिक धार्मिक महासम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर माथा टेका और राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत गीता में बताए गए कर्मयोग का संदेश प्रदेश सरकार की कार्यशैली का आधार है। उन्होंने कहा कि बिना फल की चिंता किए निरंतर कर्म करते रहना ही सच्ची जनसेवा है और इसी भावना के साथ राज्य सरकार जनकल्याण के कार्यों में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता महिलाओं, आमजन और गरीब वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है और इसके लिए संवेदनशील, समावेशी और मानवीय दृष्टिकोण से नीतियों को लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश सरकार निराश्रित बच्चों के लिए माता-पिता की भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने लगभग छह हजार निराश्रित बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का कानूनी दर्जा दिया है। राज्य सरकार इन बच्चों की 27 वर्ष की आयु तक शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र देखभाल की जिम्मेदारी निभा रही है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक बच्चे को चार हजार रुपये मासिक पॉकेट मनी दी जा रही है, जबकि शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य से जुड़ी सभी आवश्यकताओं की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित न रह जाए। इसी उद्देश्य से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की गई है, जिसके तहत विद्यार्थियों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के युवाओं के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दूसरी बार श्री राधाकृष्ण मंदिर आए हैं और यहां से उन्हें हर बार सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हक-हकूक की लड़ाई वे जनता के सहयोग और भगवान के आशीर्वाद से निरंतर लड़ते रहेंगे और राज्य के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर बाबा बाल जी महाराज ने मुख्यमंत्री को शुभाशीर्वाद देते हुए कहा कि भगवान की कृपा से मुख्यमंत्री पूरे हिमाचल प्रदेश के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का परिवार धार्मिक संस्कारों से युक्त है और सेवा की भावना उनके कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। बाबा बाल जी महाराज ने यह भी बताया कि प्रदेश में आई आपदा के समय मंदिर समिति की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में पांच लाख रुपये का योगदान दिया गया था।

कार्यक्रम में विधायक राकेश कालिया, विवेक शर्मा, सुदर्शन सिंह बबलू, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, महाधिवक्ता अनूप रत्न, एससी आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक अमित यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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