Himachal Education: रैल स्कूल के विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री सुक्खू का संवाद, करियर से लेकर स्वच्छता और पेपर लीक तक पूछे सवाल
शिमला, 17 सितंबर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैल के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से पढ़ाई, करियर, स्वच्छता, सीबीएसई पाठ्यक्रम, पेपर लीक और स्कूल की सुविधाओं से जुड़े कई सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देने के साथ शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों को लेकर उनसे फीडबैक भी लिया।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूछा कि सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होने के बाद स्कूल और उनकी पढ़ाई में किस तरह के बदलाव आए हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें सीबीएसई आधारित पाठ्यक्रम रुचिपूर्ण लग रहा है। उनका कहना था कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलने के साथ शिक्षा क्षेत्र की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित होगी। विद्यार्थियों ने सीबीएसई स्कूल शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।
इस दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री के सामने स्वच्छता से जुड़ा सवाल रखा। छात्रा ने पूछा कि समाज में सफाई के काम को छोटा क्यों समझा जाता है और हिमाचल प्रदेश को अधिक स्वच्छ बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। छात्रा ने बताया कि उसकी बहन सरकार के एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम के तहत कजाकिस्तान गई थी, जहां उसने बेहतर स्वच्छता व्यवस्था देखी थी। छात्रा ने हिमाचल को भी अधिक साफ-सुथरा और हरा-भरा बनाने की बात कही।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने छात्रा के सवाल को उचित बताते हुए कहा कि स्वच्छता को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी स्वच्छता को विशेष महत्व दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जिम्मेदारी केवल अपने घर को साफ रखने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि आसपास के क्षेत्रों और पड़ोस की स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए।

विद्यार्थियों के साथ बातचीत में पेपर लीक का मुद्दा भी उठा। एक छात्र ने नीट पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं के कारण विद्यार्थियों को गंभीर मानसिक दबाव और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं और उनके अभिभावकों को गहरा आघात पहुंचता है। मुख्यमंत्री ने नीट पेपर लीक की घटना का उल्लेख करते हुए इसे युवाओं के साथ धोखा बताया।
सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में पूर्व में सामने आए प्रश्नपत्र बिक्री और पेपर लीक के मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने इन मामलों की जांच करवाई और हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को भंग किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक पेपर लीक में शामिल पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई और अब हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना है और पेपर लीक जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं भी मुख्यमंत्री के सामने रखीं। एक छात्रा ने रंगस से स्कूल तक बस सुविधा शुरू करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसके लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
वहीं, एक प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री को स्कूल की टूटी हुई सीढ़ियों की समस्या के बारे में बताया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सीढ़ियों की जल्द मरम्मत करवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य और करियर को लेकर भी बातचीत की तथा शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों पर उनकी राय जानी। इस संवाद के दौरान विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं, सुझाव और शिक्षा से जुड़े सवाल सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर मिला।


