Street Light Project: दिवाली से पहले ग्रेटर नोएडा की प्रमुख सड़कों पर बढ़ेगी रोशनी, 6.46 करोड़ होंगे खर्च
ग्रेटर नोएडा। दिवाली से पहले शहर की प्रमुख सड़कों को बेहतर रोशनी से रोशन करने की तैयारी शुरू हो गई है। रात के समय बेहतर प्रकाश व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और ऊर्जा दक्ष लाइटिंग सुनिश्चित करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से स्ट्रीट लाइट नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत शहर के तीन प्रमुख मार्गों पर नई डेकोरेटिव स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना है। इन तीनों परियोजनाओं पर करीब 6.46 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक अजित भाई पटेल के अनुसार, पहले मार्ग पर कुलेसरा हिंडन ब्रिज एंट्री प्वाइंट से हल्दौनी मोड़ तक करीब 1.50 किलोमीटर लंबे रास्ते पर 9 मीटर ऊंचे डबल और सिंगल विंग के 108 पोल लगाए जाएंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1.75 करोड़ रुपये बताई गई है।
दूसरे मार्ग के तहत गैलेक्सी वेगा रोटरी से गौड़ सिटी अंडरपास और खैरपुर रोटरी से राजेश पायलट रोटरी तक करीब 4 किलोमीटर सड़क पर 217 स्ट्रीट लाइट पोल लगाए जाएंगे। इस कार्य पर करीब 98 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था बेहतर होने से आसपास की सोसायटियों में रहने वाले लोगों को रात के समय आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
तीसरी परियोजना ग्रेटर नोएडा के प्रमुख एंट्री प्वाइंट के पास चार मूर्ति चौराहे से एक मूर्ति रोटरी तक प्रस्तावित है। करीब 130 मीटर चौड़ी सड़क पर 9 मीटर ऊंचे कोनिकल आर्च पोल लगाए जाएंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3.74 करोड़ रुपये है।
इस परियोजना के लिए ई-निविदा जारी की जा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को प्री-बिड बैठक भी आयोजित की गई। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने अधिकारियों को तीनों मार्गों पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि नई लाइटें लगने के बाद इन प्रमुख मार्गों पर रात के समय रोशनी बेहतर होगी और आसपास रहने वाले लोगों के लिए आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा।
इन परियोजनाओं के जरिए शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों, सोसायटी क्षेत्रों और व्यस्त सड़कों पर प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है। दिवाली से पहले काम पूरा होने की स्थिति में इन मार्गों पर रात के समय रोशनी में सुधार देखने को मिल सकता है।


