Sitapur Accident: सीतापुर में ट्रक की टक्कर से पलटी ट्रैक्टर-ट्रॉली, बच्ची समेत पांच की मौत, मुंडन संस्कार से लौट रहे थे लोग
सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में शुक्रवार शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पांच जिंदगियां छीन लीं, जिनमें चार महिलाएं और एक बच्ची हैं। पिसावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिहानी मार्ग पर कोल्हाघाट पुल के समीप लोगों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से तेज गति में आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। धक्का लगते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली बेकाबू होकर पलट गई और उस पर बैठे कई लोग उसके नीचे दब गए। स्थानीय खबरों में बताया गया है कि इस हादसे में 17 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत वालों को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार लोग एक बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए हरदोई जिले के पिहानी क्षेत्र के रायपुर गए हुए थे। इस आयोजन में परिवार के लोगों के अलावा रिश्तेदार और गांव वाले भी पहुंचे थे। संस्कार पूरा होने के बाद सब लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से सीतापुर के पिसावां क्षेत्र में स्थित अपने गांव की ओर लौट रहे थे। हिम्मतनगर के पास कोल्हाघाट पुल पर पहुंचते ही उनका वाहन हादसे की चपेट में आ गया।
प्रारंभिक जानकारी बताती है कि पीछे से आ रहे ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जोर से टक्कर मारी, जिससे ट्रॉली का संतुलन बिगड़ा और वह पलट गई। ट्रॉली में बैठी महिलाओं, बच्चों और दूसरे लोगों को संभलने तक का समय नहीं मिला। कुछ लोग ट्रॉली के नीचे फंस गए, तो कुछ सड़क पर गिरकर चोटिल हो गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार गूंजने लगी और आसपास के लोग सहायता के लिए दौड़ पड़े।
ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए ग्रामीण फौरन जुट गए और पुलिस को भी घटना की खबर दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। ट्रैक्टर-ट्रॉली को उठाने के लिए जेसीबी बुलानी पड़ी, तब जाकर नीचे फंसे लोगों को निकाला जा सका। घायलों को एंबुलेंस और जो वाहन मिले, उनसे पिसावां व महोली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया गया।
अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। जान गंवाने वालों में दस साल की काजल, पचास साल की सुशीला, बाईस साल की रूबी और चालीस साल की सुनीता शामिल हैं। एक अन्य मृत महिला की पहचान शुरुआती जानकारी में साफ नहीं हो पाई थी, जिसकी शिनाख्त के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। बताया गया है कि सुशीला और रूबी आपस में मां-बेटी थीं। एक ही हादसे में परिवार और गांव के कई लोगों की मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं।
प्राथमिक उपचार के बाद जिन घायलों की हालत गंभीर थी, उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया। घायलों की संख्या और उनकी चोटों की गंभीरता को लेकर अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में अंतर दिखा है, हालांकि कई स्थानीय रिपोर्टों में 17 लोगों के घायल होने की बात कही गई है। अस्पतालों में भर्ती घायलों का इलाज चल रहा है और प्रशासन उनकी हालत पर लगातार जानकारी ले रहा है।
हादसे की खबर मिलते ही जिलाधिकारी राजा गणपति आर और पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल अस्पताल पहुंचे और घायलों व उनके परिजनों से मिले। दोनों अधिकारियों ने इलाज के इंतजामों का ब्योरा लिया और बेहतर चिकित्सा सुविधा दिलाने का आश्वासन दिया। घटना के बाद पुलिस-प्रशासन का पूरा जोर घायलों को अस्पताल पहुंचाने और उन्हें जरूरी इलाज दिलाने पर रहा।
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर करीब बीस से पच्चीस लोग बैठे थे और पीछे से ट्रक की टक्कर लगने से ट्रॉली पलट गई। ट्रक को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि उसका चालक हादसे के बाद मौके से भाग निकला। चालक को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना जताई। उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्य तेज करने और घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और प्रत्येक घायल को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना भी की।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। अब तक की जानकारी में यही सामने आया है कि पीछे से आए ट्रक की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी। फरार चालक की तलाश और आगे की कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस हादसे से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है। मुंडन संस्कार की खुशी में शामिल होकर लौट रहे परिवारों के लिए यह सफर मातम में बदल गया।





