Sexual Assault Case: किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी अभिषेक को राहत नहीं, विशेष अदालत ने जमानत याचिका की खारिज
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी अभिषेक को अदालत से राहत नहीं मिली है। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले की परिस्थितियों और पीड़िता के दर्ज बयानों को देखते हुए जमानत देने का आधार नहीं पाया।
मामले में पीड़िता की मां की ओर से 30 जुलाई को इकोटेक-3 थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि अभिषेक किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पीड़िता की मां के अलावा मोहल्ले के कई लोगों ने भी आरोपी को किशोरी के साथ जाते हुए देखने की बात कही थी।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने प्राथमिकी दर्ज कराने में हुई देरी को आधार बनाया। बचाव पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई कि घटना के संबंध में प्राथमिकी तीन दिन की देरी से दर्ज कराई गई और इस देरी का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। इसी आधार पर आरोपी को जमानत देने की मांग की गई।
अदालत ने जमानत याचिका पर फैसला करने से पहले केस डायरी और मामले से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड का अवलोकन किया। इस दौरान पीड़िता द्वारा बीएनएसएस की धारा 180 और 183 के तहत दर्ज कराए गए बयानों को भी देखा गया।
अदालत के मुताबिक पीड़िता ने अपने बयानों में आरोपी पर बलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाने का आरोप दोहराया है। मामले में पीड़िता के बयान और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपों को गंभीर प्रकृति का माना।
विशेष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि किसी किशोरी को दूर स्थान पर ले जाकर उसका यौन शोषण करना गंभीर अपराध है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत याचिका पर फैसला करते समय मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की जा रही है।
अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर आरोपी को जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं पाया। इसके बाद अभिषेक की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।





