Semicon India 2026: पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण का ऐलान किया, 13.5 अरब डॉलर की योजना पर जोर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित Semicon India 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करते हुए भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रहे विस्तार का उल्लेख किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश में चिप निर्माण, डिजाइन, परीक्षण, अनुसंधान और सप्लाई चेन से जुड़ा पूरा इकोसिस्टम विकसित करने पर काम किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने विश्वकर्मा दिवस के संदर्भ में भारत की पारंपरिक निर्माण क्षमता और आधुनिक तकनीक के बीच संबंध का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की निर्माण और सृजन की पुरानी परंपरा अब 21वीं सदी की तकनीकी जरूरतों के साथ आगे बढ़ रही है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े हालिया आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने 7.8 प्रतिशत की तिमाही GDP वृद्धि का हवाला देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ भारत के प्रति वैश्विक भरोसा भी बढ़ रहा है।
मोदी ने 2022 में Semicon India की शुरुआत के बाद से हुई प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआती दौर में नीतियों और परियोजनाओं पर चर्चा से शुरू हुआ काम अब पायलट लाइन और कमर्शियल उत्पादन तक पहुंच चुका है। उन्होंने मोहाली और सूरत के दो नए संयंत्रों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की बात भी कही।
प्रधानमंत्री के अनुसार सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम खड़ा करना जटिल प्रक्रिया है, लेकिन भारत ने चिप डिजाइन, उपकरण निर्माण और परीक्षण से जुड़ी क्षमताओं को तेजी से विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने उद्योग जगत की भागीदारी को इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा बताया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 13.5 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे नियामक सुधारों पर काम कर रही है जिनसे अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, स्टार्टअप और डिजाइन फर्मों के बीच सहयोग आसान हो सके।
घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए उन्होंने फैबलेस कंपनियों को प्रोत्साहन देने और भारत में बौद्धिक संपदा तैयार करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने AI बुनियादी ढांचे में सिलिकॉन फोटोनिक्स जैसी उन्नत तकनीकों के महत्व का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने उपकरण, केमिकल, गैस और सेमीकंडक्टर उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से जुड़े उद्योगों को भारत में बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उनका कहना था कि लक्ष्य केवल कुछ चिप प्लांट स्थापित करना नहीं, बल्कि पूरे औद्योगिक इकोसिस्टम को विकसित करना है।
युवा इंजीनियरों को भारत की बड़ी ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चिप डिजाइनिंग के लिए बड़े स्तर पर कौशल विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को प्रशिक्षित करना है और इनमें से करीब 70 हजार छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
उन्होंने देश और विदेश में अनुसंधान कर रहे भारतीय युवाओं से उन्नत तकनीकों के विकास में भागीदारी करने की अपील की। उद्योग जगत से भारत में रिसर्च एंड डेवलपमेंट गतिविधियां बढ़ाने का आह्वान भी किया गया।
AI के बढ़ते उपयोग के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर बाजार की तकनीकी जरूरतें भी बदल रही हैं। अब केवल ट्रांजिस्टर के आकार के बजाय सिस्टम इंटीग्रेशन, मेमोरी प्लेसमेंट और हीट मैनेजमेंट जैसी चुनौतियां भी महत्वपूर्ण हो गई हैं।
उन्होंने AI डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति की जरूरत पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा क्षमता, परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास से जुड़े कदमों का उल्लेख किया।
मोदी ने कहा कि वैश्विक कंपनियां भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों की तलाश कर रही हैं और भारत अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। उन्होंने निवेशकों और वैश्विक उद्योग जगत से भारत में बन रहे अवसरों में भागीदारी करने का आह्वान किया।


