Russian Military Aircraft: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा रूसी सेना का IL-76 विमान, पहली बार विदेशी सैन्य विमान की लैंडिंग

Russian Military Aircraft: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा रूसी सेना का IL-76 विमान, पहली बार विदेशी सैन्य विमान की लैंडिंग

नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार सुबह रूसी सेना के IL-76 विमान की लैंडिंग हुई। एयरपोर्ट के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि यहां पहली बार किसी दूसरे देश की सेना के विमान के उतरने की बात सामने आई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आगामी भारत दौरे की चर्चाओं के बीच रूसी सैन्य विमान की इस लैंडिंग ने विशेष ध्यान खींचा है।

जानकारी के अनुसार रूसी सेना का IL-76 विमान मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा। लैंडिंग के बाद विमान एयरपोर्ट परिसर में ही खड़ा बताया गया है। बड़े सैन्य परिवहन विमान की सफल लैंडिंग को एयरपोर्ट की परिचालन तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इससे पहले विभिन्न स्तर पर विमानों की लैंडिंग और अन्य परीक्षण गतिविधियां हो चुकी हैं, लेकिन किसी विदेशी सेना के विमान की लैंडिंग का यह पहला मामला बताया जा रहा है। इसी वजह से रूसी सैन्य विमान की मौजूदगी को लेकर एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों और अन्य एजेंसियों के स्तर पर भी गतिविधियां बढ़ी हैं।

रूसी विमान की लैंडिंग ऐसे समय हुई है, जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर चर्चा चल रही है। दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित होने की बात कही गई है और इसमें रूसी राष्ट्रपति के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है।

पुतिन के संभावित दौरे से ठीक पहले IL-76 विमान के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने के कारण दोनों घटनाक्रमों को जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि रूसी सैन्य विमान की लैंडिंग का राष्ट्रपति पुतिन के दौरे से सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

विमान की लैंडिंग के बाद यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि पुतिन के भारत आने की स्थिति में उनके विमान को दिल्ली के बजाय नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारा जा सकता है। ऐसी स्थिति में रूसी राष्ट्रपति सड़क मार्ग अथवा निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत नोएडा से दिल्ली जा सकते हैं। फिलहाल इस संभावना की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

राष्ट्राध्यक्ष की यात्रा के दौरान विमान की लैंडिंग से लेकर सुरक्षा और आवागमन तक की व्यवस्थाएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में यदि भविष्य में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इस्तेमाल किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की यात्रा के लिए किया जाता है तो सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़ी एजेंसियों को व्यापक स्तर पर तैयारी करनी होगी।

बताया जा रहा है कि रूसी सैन्य विमान की लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने भी विभागीय स्तर पर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एयरपोर्ट से जुड़े विभिन्न परिचालन पहलुओं और आवश्यक व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है।

IL-76 रूस में विकसित एक भारी सैन्य परिवहन विमान है, जिसका इस्तेमाल सैनिकों, उपकरणों और अन्य भारी सामग्री के परिवहन सहित विभिन्न सैन्य एवं लॉजिस्टिक जरूरतों के लिए किया जाता है। ऐसे बड़े विमान का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरना रनवे और उससे जुड़ी परिचालन क्षमताओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिलहाल रूसी विमान के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने के उद्देश्य और उसके आगे के कार्यक्रम को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसी तरह राष्ट्रपति पुतिन के संभावित दौरे के दौरान नोएडा एयरपोर्ट के इस्तेमाल को लेकर चल रही चर्चा अभी कयासों पर आधारित है।

रूसी सैन्य विमान की इस लैंडिंग के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब एयरपोर्ट पर मौजूद IL-76 विमान की आगे की गतिविधि और संभावित उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय आवागमन को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

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