Real Estate Rules: बिना अधिभोग प्रमाणपत्र फ्लैट और दुकान का कब्जा देने पर बिल्डरों पर लगेगा जुर्माना, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जारी की चेतावनी

Real Estate Rules: बिना अधिभोग प्रमाणपत्र फ्लैट और दुकान का कब्जा देने पर बिल्डरों पर लगेगा जुर्माना, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जारी की चेतावनी

नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डरों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बिना कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र या अधिभोग प्रमाणपत्र यानी ओसी प्राप्त किए फ्लैट, दुकान या अन्य व्यावसायिक इकाइयों का कब्जा देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि ग्रुप हाउसिंग, आईटी और व्यावसायिक परियोजनाओं में निर्माण पूरा होने और निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही खरीदारों को संपत्ति का कब्जा दिया जा सकता है।

प्राधिकरण को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ परियोजनाओं में बिल्डरों की ओर से कार्यपूर्ति या अधिभोग प्रमाणपत्र हासिल किए बिना ही खरीदारों को फ्लैट और दुकानों का कब्जा दिया जा रहा है। शिकायतों में नियमों की अनदेखी किए जाने की बात सामने आने के बाद प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है।

इसी के बाद नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी करते हुए बिल्डरों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि बिना आवश्यक प्रमाणपत्र के किसी भी खरीदार को मौके पर कब्जा नहीं दिया जाए। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की ओर से 19 सितंबर को जारी सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में आवंटित भूखंडों पर लागू भवन विनियमावली-2010 और समय-समय पर किए गए संशोधनों के तहत अधिभोग प्रमाणपत्र लेना आवश्यक है।

अधिभोग प्रमाणपत्र केवल एक औपचारिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि संबंधित भवन का निर्माण निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानकों के अनुरूप पूरा किया गया है। इसी वजह से प्राधिकरण ने बिल्डरों को ओसी से पहले कब्जा देने से साफ तौर पर मना किया है।

प्राधिकरण के अनुसार, अधिभोग प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करते समय कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अनापत्ति प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होगा। इनमें संपत्ति विभाग से अनापत्ति, फायर एनओसी, विमानपत्तन से संबंधित अनापत्ति, पर्यावरण मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी, आईआईटी से संरचना परीक्षण और लिफ्ट सुरक्षा प्रमाणपत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल हैं।

इन सभी प्रमाणपत्रों और तकनीकी जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परियोजना में रहने या व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने से पहले सुरक्षा, संरचना, अग्निशमन, पर्यावरण और अन्य आवश्यक मानकों का पालन किया जा चुका है। इन औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद ही संबंधित परियोजना को अधिभोग के लिए उपयुक्त माना जाता है।

प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी बिल्डर या विकासकर्ता ने बिना कार्यपूर्ति या अधिभोग प्रमाणपत्र प्राप्त किए खरीदारों को संपत्ति का कब्जा दे दिया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में जुर्माना समेत अन्य प्रशासनिक कदम शामिल हो सकते हैं।

ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में ग्रुप हाउसिंग, आईटी पार्क और व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से जारी यह चेतावनी इन सभी श्रेणियों की परियोजनाओं पर लागू होगी। बिल्डरों को निर्माण पूरा होने के बाद आवश्यक अनुमतियां हासिल करने और उसके बाद ही खरीदारों को कब्जा सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

कई खरीदार लंबे समय से अपनी संपत्तियों का कब्जा मिलने का इंतजार करते हैं। ऐसे में कुछ मामलों में बिल्डरों की ओर से प्रमाणपत्र प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही कब्जा देने की कोशिश की जाती है। प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह की प्रक्रिया निर्धारित नियमों का उल्लंघन है और इससे परियोजना की वैधता तथा सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े हो सकते हैं।

इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण यानी यूपी रेरा की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। रेरा की ओर से भी समय-समय पर परियोजनाओं, कब्जे और खरीदारों के अधिकारों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद कुछ परियोजनाओं में नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आने पर अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने स्तर से भी सख्ती बढ़ा दी है।

प्राधिकरण की ओर से जारी चेतावनी का उद्देश्य बिल्डरों को नियमों का पालन करने के लिए बाध्य करना और खरीदारों को ऐसी संपत्तियों का कब्जा मिलने से रोकना है, जिनसे जुड़ी जरूरी स्वीकृतियां अभी पूरी नहीं हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी परियोजना को अधिभोग के लिए तभी अनुमति मिलनी चाहिए, जब सभी अनिवार्य दस्तावेज और सुरक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी हों।

अब बिल्डरों को परियोजनाओं में कब्जा देने से पहले संबंधित विभागों से आवश्यक प्रमाणपत्र और अनापत्तियां हासिल करनी होंगी। प्राधिकरण की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित विकासकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की नई चेतावनी के बाद उन बिल्डरों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है, जो बिना ओसी के फ्लैट या दुकानों का कब्जा दे रहे हैं। आने वाले समय में शिकायतों और निरीक्षण के आधार पर प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई की संभावना है। वहीं, खरीदारों के लिए भी यह जरूरी होगा कि कब्जा लेने से पहले संबंधित परियोजना का अधिभोग प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक स्वीकृतियां उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी जानकारी सुनिश्चित करें।

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